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हरिद्वार

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर के एमबीबीएस छात्रों ने मंगलवार को जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरिद्वार का शैक्षणिक भ्रमण कर आपदा प्रबंधन की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों को समझा। इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने छात्रों को जनपद स्तर पर संचालित होने वाली आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर मनोज कंडियाल ने संभावित आपदाओं की रोकथाम, त्वरित रिस्पांस तंत्र और आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के उपायों से छात्रों को अवगत कराया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से पहुंचे चिकित्सकों ने आपदा के दौरान ‘इमरजेंसी मेडिकल सर्विस’ और अस्पताल प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चिकित्सकों को आपदा के समय चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए तैयार करना रहा।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

लक्सर/हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद शासन ने हरिद्वार जिले के लक्सर और हरिद्वार तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण करने वाले स्टोन क्रेशरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 14 स्टोन क्रेशरों को सीज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई छापेमारी

मुख्यमंत्री को लक्सर और हरिद्वार क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रेशरों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन दल, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून को तत्काल मौके पर जाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज

आज दिनांक 17 मार्च 2026 को निदेशालय के प्रवर्तन दल ने हरिद्वार तहसील के ग्राम बाडीटीप और लक्सर तहसील के ग्राम फतवा, महतौली, मुजफ्फरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान (झीवरहेडी) में छापेमारी की।

जांच के दौरान इन 14 स्टोन क्रेशरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए:

एम.एम.डी.आर. एक्ट 1957 की धारा 23 सी और उत्तराखंड खनिज नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की गई।  मौके पर पैमाइश करने के बाद सभी 14 क्रेशरों को सीज कर दिया गया।  इन क्रेशरों का ई-रवन्ना पोर्टल तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।  प्रथम दृष्टया इन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई (सूची):

  1. मै० हाईवे कन्स्ट्रक्शन एण्ड क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  2. मै० सिंह स्टोन क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  3. मै० किसान स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  4. मै० शुभ स्टोन क्रेशर, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  5. मै० तुलसी स्टोन क्रेशर, ग्राम मुजफ्फरपुर गुजरा महतौली (लक्सर)
  6. मै० नेशनल एसोसिएट्स, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  7. मै० लिमरा इन्डस्ट्रीज, नेहन्दपुर (लक्सर)
  8. मै० दून स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  9. मै० गणपति स्टोन क्रेशर, जवाहरखान उर्फ झीवरहेडी (लक्सर)
  10. मै० वानिया स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  11. मै० माँ गंगा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  12. मै० अलकनन्दा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  13. मै० एस०एस० स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)

 

 

प्रवर्तन दल में शामिल अधिकारी

निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी (देहरादून), जिला खान अधिकारी (हरिद्वार), मानचित्रकार, खान निरीक्षक, सर्वेक्षक और सहायक खनिज प्रवर्तक सहित विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।

 

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार | 16 मार्च 2026 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का दौरा कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और सभी स्वीकृतियां शासन स्तर पर तुरंत जारी की जाएंगी।

समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य—जैसे सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं—निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की चेतावनी दी।

​”कुंभ एक विराट आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। शासन स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाएगा। मैंने मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश दे दिए हैं कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से जारी की जाएं।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

तैयारियों के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?

​बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  • हाई-टेक सुरक्षा: आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नया कंट्रोल रूम: मेला नियंत्रण भवन के पास सीसीआर-2 (CCR-2) भवन परियोजना को जल्द वित्तीय मंजूरी मिलेगी।
  • सुगम यातायात: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है।
  • आधुनिक डामकोठी: डामकोठी अतिथि गृह का विस्तार कर वहां एक नया, आधुनिक और आकर्षक भवन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मंदिर मार्गों का सुधार: मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण की योजना को हरी झंडी दे दी गई है।

33 स्थायी योजनाओं पर काम शुरू

​मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए वर्तमान में 33 स्थायी प्रकृति की योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें घाटों का निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और मुनीकीरेती क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

समन्वय से सफल होगा आयोजन

​सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने को कहा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से इस आयोजन को ‘सुव्यवस्थित और सुरक्षित’ बनाने का संकल्प दोहराया।

बैठक में मौजूद रहे दिग्गज: इस समीक्षा बैठक में हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में ‘जनसुनवाई कार्यक्रम’ का आयोजन किया। इस दौरान राजस्व, बिजली, पानी और अवैध कब्जे से जुड़ी कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 का निस्तारण जिलाधिकारी ने मौके पर ही कर दिया। शेष शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रमुख शिकायतें जिन पर रहा डीएम का फोकस:

जनसुनवाई में कई गंभीर मामले सामने आए, जिस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया:

  • लाइनमैन की शिकायत: भारापुर (रुड़की) की ग्राम प्रधान कविता रानी ने लाइनमैन पर अभद्र व्यवहार और फोन न उठाने का आरोप लगाते हुए उसे बदलने की मांग की।
  • जोहड़ पर अवैध कब्जा: रणसुरा (रुड़की) के ग्रामीणों ने जोहड़ और नाले पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिससे गांव का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
  • खराब ट्यूबवेल: मूलदासपुर (रुड़की) के किसानों ने बताया कि सिंचाई ट्यूबवेल (RG06) की मोटर 28 फरवरी से खराब है, जिससे फसलें सूख रही हैं।
  • विद्युत बिल में गड़बड़ी: शिवा कुमार ने मीटर रीडर द्वारा गलत रीडिंग दर्ज करने और भारी बिल वसूली की शिकायत की।
  • सीएम हेल्पलाइन पर सख्त रुख: 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर जवाब तलब

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन (1905) की समीक्षा के दौरान पाया कि L1 स्तर पर 401 और L2 स्तर पर 117 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें।

“लापरवाही की तो होगी कार्रवाई”

डीएम मयूर दीक्षित ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में आने वाली समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण (Field Visit) की जरूरत है, अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मौके पर जाएं और समाधान निकालें।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा, एडीएम पी.आर. चौहान, सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, एसडीएम जितेंद्र कुमार सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न होटलों और ढाबों पर छापेमारी कर 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छापेमारी से मचा हड़कंप, इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन और भारत सरकार के ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026) के तहत जनपद के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

रविवार, 15 मार्च को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने कुल 15 होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान:

  • नवोदय नगर (बहादराबाद): यहां से 05 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए।
  • तहसील भगवानपुर: यहां भी टीम ने 05 सिलेंडर कब्जे में लिए।

कुल 10 सिलेंडर जब्त करते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

41 गैस एजेंसियों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी

प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद की सभी 41 गैस एजेंसियों पर अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए हैं। ये 41 अधिकारी नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्राकृतिक गैस, एलपीजी या सीएनजी की कालाबाजारी या दुरुपयोग न हो।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्ति विभाग को सख्त हिदायत दी है कि यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो घरेलू गैस सिलेंडर आम जनता की रसोई के लिए हैं, उनका उपयोग व्यापारिक लाभ के लिए करना कानूनन अपराध है। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

नवीन कुमार संपादक ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस की किल्लत और उपभोक्ताओं को आ रही परेशानियों को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रविवार को आपदा कंट्रोल रूम में गैस एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अवैध रिफिलिंग मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल मुकदमा (FIR) दर्ज कराया जाएगा।

केवाईसी (KYC) के लिए खुलेंगे अलग काउंटर

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है। गैस एजेंसियों पर लग रही भीड़ का मुख्य कारण कई उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी अपडेट न कराया जाना है, जिससे उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि केवाईसी के लिए अलग से काउंटर खोले जाएं और लोगों को ऑनलाइन केवाईसी के लिए जागरूक किया जाए।

होम डिलीवरी पर जोर, बैक-लॉग खत्म करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से लाइन में न लगना पड़े, इसके लिए ‘होम डिलीवरी’ व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने पुराने बैक-लॉग को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों व आश्रमों को प्राथमिकता पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को छापेमारी के आदेश

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), खंड विकास अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें और अवैध गतिविधियों पर छापेमारी की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

शिकायतों का तुरंत होगा निस्तारण

कंट्रोल रूम में प्राप्त हो रही शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का तत्परता से समाधान हो और शिकायतकर्ता से बात कर फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है; बुकिंग के आधार पर सभी को गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में ये रहे मौजूद:

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी क्राइम निशा यादव, एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश सहित गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारी अश्वनी कुमार व सुनील सिंह आदि उपस्थित रहे।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार । उत्तराखंड पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ एक बार फिर मासूम चेहरों पर मुस्कान लाने में कामयाब रहा है। ताज़ा मामले में हरिद्वार पुलिस की टीम ने दो साल से लापता एक 8 वर्षीय बालक को ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया, जिसके बाद मां की ममता और परिवार की आस जीत गई।

मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा है विशेष अभियान

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, 18 फरवरी 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक गुमशुदा बच्चों के पुनर्वास के लिए ‘ऑपरेशन स्माइल’ चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार, नवनीत सिंह (IPS) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक (अपराध) सुश्री निशा यादव के पर्यवेक्षण में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

रामपुर के बालगृह में मिला मासूम

कोतवाली नगर हरिद्वार में वर्ष 2024 में दर्ज (FIR संख्या 824/2024) एक 8 वर्षीय बालक की गुमशुदगी के मामले में AHTU टीम लगातार सुराग जुटा रही थी। छानबीन के दौरान टीम उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित राजकीय बालगृह पहुंची। वहां एक बालक मिला जिसकी पहचान हरिद्वार से लापता बच्चे के रूप में हुई।

हरियाणा में मिले परिजन, गोंडा का है परिवार

बच्चे की पहचान होने के बाद परिजनों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी। रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और तकनीकी व अन्य माध्यमों से पता लगाया कि परिवार वर्तमान में कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में मजदूरी कर रहा है। मूल रूप से यह परिवार ग्राम पायर खास, जनपद गोंडा (उ.प्र.) का निवासी है।

भावुक कर देने वाला मिलन

बाल कल्याण समिति रामपुर (U.P.) के समक्ष उचित काउंसलिंग के बाद बालक को उसकी माता श्रीमती पूजा को सौंप दिया गया।

“दो साल बाद अपने जिगर के टुकड़े को सामने पाकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने नम आंखों से उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनके उजड़े संसार में दोबारा रोशनी भर दी है।”

सराहनीय कार्य करने वाली ‘ऑपरेशन स्माइल’ टीम:

इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • निरीक्षक: वीरेन्द्र सिंह रमोला
  • उप-निरीक्षक: देवेंद्र यादव
  • हेड कांस्टेबल: राकेश कुमार
  • कांस्टेबल: मुकेश कुमार, दीपक चंद
  • महिला कांस्टेबल: गीता, शशिबाला

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार। जिला सेवायोजन कार्यालय जगजीतपुर में शुक्रवार को आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में क्षेत्र के युवाओं ने भारी उत्साह दिखाया। जिला सेवायोजन अधिकारी मुकेश रयाल के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में सिडकुल की नामी कंपनियों—महिंद्रा एंड महिंद्रा, किरबी, गिन्नी फिलामेंट्स और प्रिंस पाइप एंड फिटिंग लिमिटेड ने शिरकत की। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस मेले में लगभग 120 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिसके बाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लिए। कड़ी चयन प्रक्रिया के उपरांत 61 प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इस अवसर पर मुकेश रयाल ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है और भविष्य में भी ऐसे मेलों का आयोजन जारी रहेगा ताकि निजी क्षेत्र में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन ने घाटों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसके तहत शुक्रवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने निर्माणाधीन शहीद भगत सिंह घाट और नगर निगम घाट का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति जांची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि 31 अक्टूबर तक सभी लक्ष्य पूर्ण हो सकें। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल ने अवगत कराया कि वर्तमान में 365 मीटर लंबे शहीद भगत सिंह घाट और 270 मीटर लंबे नगर निगम घाट पर कार्य जारी है, जबकि अमरापुर और ऋषिकुल क्षेत्र के घाटों का निर्माण भी एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए अपर मेलाधिकारी ने निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित रखने और वन विभाग के समन्वय से क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के तहत हटाए गए पेड़ों के बदले दस गुना अधिक पौधे रोपित करने के निर्देश दिए। जलमग्न हिस्सों का निर्माण गंगनहर क्लोजर के दौरान पूरा किया जाएगा, जिससे आगामी कुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान की सुविधा मिल सके।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने शुक्रवार को थाना सिडकुल का वार्षिक निरीक्षण किया। सलामी के साथ शुरू हुए इस मुआयने के दौरान कप्तान ने थाने के एक-एक कोने और अभिलेखों की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों के रखरखाव में मिली कमियों पर एसएसपी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थानाध्यक्ष को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

अधूरे रजिस्टर देख अधिकारियों को लगाई फटकार

एसएसपी ने जब कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन किया, तो पाया कि कई डेटा अपडेट नहीं थे। विशेषकर ‘त्योहार रजिस्टर’ में कई क्षेत्रों की प्रविष्टियां अधूरी मिलीं। इस पर कप्तान ने क्षेत्राधिकारी (CO) सदर को अपने पर्यवेक्षण में इसे पूर्ण कराने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यलेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।

शस्त्र अभ्यास और सरकारी संपत्ति का सदुपयोग

मालखाना और शस्त्रागार के निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने माल के रखरखाव पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • थाने में रखी सरकारी संपत्ति का सदुपयोग हो, ताकि सामान रखे-रखे खराब न हो।
  • हर तीन महीने में पुलिस लाइन आर्मरी से शस्त्रों का मिलान और सफाई कराई जाए।
  • थाना स्तर पर प्रत्येक सप्ताह एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में सभी कर्मियों को ‘वेपन हैंडलिंग’ (शस्त्र चलाने) का अभ्यास अनिवार्य रूप से कराया जाए।

फरियादियों से ‘तू-तड़ाक’ नहीं, नम्रता से करें बात

निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के साथ सम्मेलन किया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और व्यवहार में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा, “थाने पर आने वाला हर फरियादी मुसीबत में होता है। पुलिस का व्यवहार उनके प्रति नम्र होना चाहिए। उनकी फरियाद सुनकर विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरान एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय कुमार, सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।