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शिकायतों के पारदर्शी निस्तारण पर जोर

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

सहारनपुर। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को तहसील सदर सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जन-शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चकरोड, नाली, खड़ंजा और भूमि विवाद जैसी शिकायतों के समाधान के लिए जांच अधिकारी मौके पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में पारदर्शिता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पुलिस, राजस्व, विकास और विद्युत सहित विभिन्न विभागों से कुल 71 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 05 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 66 शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर हल करने की हिदायत दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने भी पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीडीओ सुमित राजेश महाजन, डीएफओ शुभम सिंह, उपजिलाधिकारी सदर सुबोध कुमार और तहसीलदार जसमेंदर सहित सभी जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जहाँ शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति की समस्या को सुलझाने का संकल्प दोहराया गया।

 

SSP ने कंधे पर ‘अशोक स्तंभ’ लगाकर दी बधाई

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

 

सहारनपुर। जनपद में तैनात क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम अमित कुमार श्रीवास्तव की कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवाकाल का सम्मान करते हुए उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर पदोन्नत किया गया है। सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिनन्दन ने एक गरिमामय समारोह के दौरान पदोन्नत अधिकारी के कंधों पर गौरव का प्रतीक ‘अशोक स्तंभ’ लगाकर उन्हें इस नई और बड़ी जिम्मेदारी की विधिवत शुभकामनाएं दीं। एसएसपी अभिनन्दन ने इस अवसर पर कहा कि यह पदोन्नति अमित कुमार श्रीवास्तव की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है और अब उनसे जनता की अपेक्षाओं पर और अधिक खरा उतरने तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की उम्मीद है। पदोन्नति के इस हर्षपूर्ण क्षण में पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी नवागत एएसपी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इसे पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय बताया।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत थाना मंडी पुलिस ने रात के अंधेरे में एक साहसिक मुठभेड़ के बाद शातिर अपराधी सागर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। शकलापुरी रोड पर चेकिंग के दौरान जब थाना प्रभारी रोजन्त त्यागी और उपनिरीक्षक विकास चरण की टीम ने संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग झोंक दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में कुख्यात बदमाश सागर के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और उसे दबोच लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। गौरतलब है कि गिरफ्तार सागर पर जिले के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास और लूट जैसे करीब 14 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं पुलिस फरार साथी की तलाश में जंगलों में सघन कॉम्बिंग अभियान चला रही है।

 

 

श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सख्त, जूस की ठेलियों की हुई सघन जाँच

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

सहारनपुर। सिद्धपीठ माँ शाकुम्भरी देवी परिक्षेत्र में आयोजित सुप्रसिद्ध मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने आज एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया। यह कार्रवाई युवा एकता सेवा समिति संगठन, सनातन हिंदू परिषद एवं गौ रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष आशीष सैनी व सहयोगी हरिओम गुप्ता की विशेष उपस्थिति और संगठन की पूर्व शिकायतों के आधार पर की गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मेला क्षेत्र में जूस की ठेलियों पर केमिकल का डिब्बा बरामद होने का गंभीर मामला सामने आया था, जिसे देखते हुए प्रशासन और हिंदू संगठनों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सोमवार को किए गए इस निरीक्षण के दौरान टीम ने खाने-पीने की दुकानों और विशेषकर जूस की ठेलियों की बारीकी से जाँच की, हालांकि आज की जाँच में सभी मानक सही पाए गए। प्रदेश अध्यक्ष आशीष सैनी ने खाद्य विभाग की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि लाखों की संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं की श्रद्धा और सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि भविष्य में भी इसी तरह निरंतर निगरानी रखी जाए ताकि देवस्थान की पवित्रता और जन-स्वास्थ्य बना रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने महावीर जयंती के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तारीख में बड़ा संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ताज़ा अधिसूचना के अनुसार, अब प्रदेश में महावीर जयंती की छुट्टी 31 मार्च के स्थान पर 30 मार्च 2026 (सोमवार) को होगी।

शासन ने जारी किया संशोधित आदेश

अपर सचिव महावीर सिंह चौहान द्वारा हस्ताक्षरित इस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में 24 दिसंबर 2025 को जारी कैलेंडर के अनुसार महावीर जयंती का अवकाश 31 मार्च को निर्धारित था। लेकिन अब इसमें आंशिक संशोधन करते हुए इसे 30 मार्च के लिए घोषित किया गया है।

31 मार्च को यथावत खुलेंगे कार्यालय

सरकार के इस फैसले के बाद अब 31 मार्च 2026 को राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, संस्थान और स्कूल सामान्य दिनों की तरह यथावत खुले रहेंगे। शासन ने यह आदेश राज्य के सभी जिलाधिकारियों, विभागाध्यक्षों और सचिवालय के सभी अनुभागों को अनुपालन हेतु भेज दिया है।

आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सूचना

छुट्टी के इस बदलाव के कारण जो लोग 31 मार्च को सरकारी कार्यों के लिए निकलने की योजना बना रहे थे, वे ध्यान दें कि उनके कार्य अब 31 मार्च को हो सकेंगे, जबकि 30 मार्च को सार्वजनिक अवकाश के कारण दफ्तर बंद रहेंगे।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। कोतवाली रुड़की पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और मारपीट कर रही चार महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया है। शनिवार को रुड़की टॉकीज क्षेत्र में पैसों के लेनदेन के विवाद को लेकर महिलाओं के दो पक्ष आपस में भिड़ गए और गाली-गलौज व धक्का-मुक्की करने लगे, जिससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची उपनिरीक्षक अंशु चौधरी और महिला कांस्टेबल सरिता व प्रीति की टीम ने महिलाओं को शांत कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन उनके उग्र व्यवहार और बीच सड़क पर हंगामा जारी रखने के कारण पुलिस को विवश होकर उन्हें हिरासत में लेना पड़ा। पुलिस टीम में शामिल कांस्टेबल अमित ने बताया कि चारों महिलाओं के विरुद्ध धारा 170 BNSS के अंतर्गत शांति भंग की कार्यवाही की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासनहीनता और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

लक्सर। कोतवाली लक्सर पुलिस ने ईद की नमाज के दौरान हुई हिंसक झड़प और जानलेवा फायरिंग के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक शातिर आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के अनुसार, बीती 21 मार्च को ग्राम खेड़ी खुर्द निवासी रिजवान ने तहरीर देकर आरोपी पक्ष पर मारपीट और जान से मारने की नीयत से फायर झोंकने का आरोप लगाया था, जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने त्योहार के सीजन में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। व.उ.नि. नितिन चौहान और उ.नि. दीपक चौधरी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने रविवार को वांछित आरोपी आस मौ. पुत्र ताहिर (निवासी खेड़ी कला) को घेराबंदी कर दबोच लिया, जिसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या के प्रयास (307) व शस्त्र अधिनियम सहित आधा दर्जन गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहाँ से उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

 

साक्ष्य संकलन में एसआई कल्पना शर्मा को मिला नकद पुरस्कार

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

खानपुर। अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए अब खानपुर पुलिस और भी अधिक हाईटेक और वैज्ञानिक तरीके अपनाएगी। रविवार को कोतवाली खानपुर में फील्ड यूनिट हरिद्वार के विशेषज्ञों द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन’ (CSI) और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

‘डेमो क्राइम सीन’ के जरिए सीखीं बारीकियां

प्रशिक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में एक कृत्रिम यानी ‘डेमो क्राइम सीन’ तैयार किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को बताया कि अपराध स्थल पर पहुँचते ही सबसे पहले क्षेत्र को कैसे सुरक्षित किया जाए। फील्ड यूनिट के स्टाफ ने फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान), फुटप्रिंट (पैरों के निशान) और अन्य महत्वपूर्ण जैविक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को बिना नष्ट किए एकत्र करने की बारीकियां सिखाईं।

महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा को मिला सम्मान

इस अभ्यास सत्र के दौरान साक्ष्यों के सटीक संकलन और ‘फुटप्रिंट’ उठाने के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा की विशेष सराहना की गई। प्रभारी निरीक्षक खानपुर ने उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे अन्य पुलिसकर्मियों का भी उत्साहवर्धन हुआ।

वैज्ञानिक साक्ष्य ही दिलाएंगे अपराधियों को सजा

फील्ड यूनिट के विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक युग में चश्मदीद गवाहों से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) किसी भी मामले को सुलझाने और कोर्ट में अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे कारगर साबित होते हैं। इसलिए प्रत्येक विवेचक (Investigator) को साक्ष्य संकलन की तकनीकी जानकारी होना अनिवार्य है।

पुलिस की कार्यक्षमता में होगा सुधार

इस विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से खानपुर पुलिस के मनोबल और कार्यक्षमता में बड़ी वृद्धि देखी गई है। माना जा रहा है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में हत्या, लूट और चोरी जैसे जटिल आपराधिक मामलों के खुलासे में खानपुर पुलिस को खासी मदद मिलेगी।

 

ज्वालापुर। हरिद्वार की कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ी मुस्तैदी दिखाते हुए दो संदिग्ध युवकों को अवैध हथियारों के साथ दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी क्षेत्र में दहशत फैलाने और किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस ने समय रहते सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

चेतक पुलिस की सतर्कता से टली वारदात

रविवार रात जब पूरा शहर सो रहा था, तब चेतक पुलिस पर तैनात कांस्टेबल आलोक नेगी, कपिल गोला, अंकुर चौधरी और अरुण कोटनाला की टीम संदिग्धों की धरपकड़ के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान मोहल्ला पांवधोई के अलग-अलग सुनसान इलाकों में दो युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते पाए गए। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया।

तलाशी में बरामद हुए धारदार चाकू

पुलिस द्वारा ली गई जामा तलाशी में दोनों युवकों के पास से अवैध हथियार बरामद हुए:

  1. गुलफाम (26 वर्ष): निवासी बड़ी मस्जिद के पास, ज्वालापुर।
  2. अफजल (25 वर्ष): निवासी ईदगाह रोड, ज्वालापुर।

दोनों के कब्जे से एक-एक धारदार अवैध चाकू बरामद किया गया है। पुलिस का मानना है कि ये आरोपी रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर लूट या किसी अन्य संगीन वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

ज्वालापुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी की सराहना की है, जिससे क्षेत्र में व्यापारियों और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव बढ़ा है।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

भगवानपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के कड़े निर्देशों के बाद भगवानपुर कोतवाली पुलिस ने गोकशी के खिलाफ अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वांछित चल रहे मुख्य आरोपी इल्ताफ उर्फ भुट्टो सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर ली है।

जंगल में चल रही थी गोकशी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

​घटनाक्रम के अनुसार, बीती 20 मार्च को ग्राम किशनपुर जमालपुर के जंगल में पुलिस ने दबिश दी थी, जहाँ भारी मात्रा में मांस और गोकशी के उपकरण बरामद हुए थे। इस मामले में इल्ताफ उर्फ भुट्टो, वसीम, आलम, गुलजार और कल्लू की संलिप्तता पाई गई थी, जो मौके से फरार होने में कामयाब रहे थे।

​प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात रुड़की क्षेत्र से घेराबंदी कर इन पांचों को धर दबोचा।

घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी जब्त

गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं:

  • ​बजाज प्लेटिना (UK17T-1485)
  • ​बजाज पल्सर (UK17X-8825)

इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने दी दबिश

​इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक अंकुर शर्मा, उपनिरीक्षक पुनीत दनौसी, मुकेश नौटियाल, विनय मोहन द्विवेदी, अपर उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान, मुख्य आरक्षी मनीष घपोला, निर्मल जोशी और कांस्टेबल मदन, संजय व दीपक मंगाई शामिल रहे।

विधिक कार्यवाही और जेल भेजने की तैयारी

​पुलिस ने सभी पांचों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के गो-तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।