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ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के चर्चित टपरी डिस्टलरी शराब घोटाले में संलिप्त भू-माफियाओं और आर्थिक अपराधियों के विरुद्ध सहारनपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्यवाही करते हुए तीन सगे भाइयों की लगभग 48 करोड़ 99 लाख 16 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना जनकपुरी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बरेली निवासी शराब तस्कर मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल और नीरज जायसवाल के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर यह कड़ी घेराबंदी की, जिसमें बरेली के प्राइम लोकेशन पीलीभीत बाईपास और हरूनगला स्थित बेशकीमती कृषि भूमि, आवासीय प्लॉट और व्यावसायिक भवनों को सील किया गया। टपरी डिस्टलरी से जुड़े इस गिरोह पर महज 11 माह में 35 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी चोरी करने और अवैध शराब के काले कारोबार से अकूत संपत्ति अर्जित करने का संगीन आरोप है, जिसकी जांच एसआईटी लखनऊ द्वारा की जा रही थी। प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई इस ध्वजपोत कार्यवाही ने न केवल शराब माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है, बल्कि जनपद में यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि अपराध से साम्राज्य खड़ा करने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत इसी प्रकार का कठोर प्रहार निरंतर जारी रहेगा।

 

सहारनपुर। नगर निगम कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को नगरायुक्त शिपू गिरि ने जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए सफाई से जुड़ी एक शिकायत का तत्काल निस्तारण कराकर पीड़ित को राहत पहुंचाई। वार्ड संख्या 60 नवीन मंडी क्षेत्र निवासी संजीव कुमार द्वारा मंदिर के समीप गंदगी की शिकायत पर नगरायुक्त ने तुरंत सफाई निरीक्षक और सफाई मित्रों की टीम भेजकर स्थल को स्वच्छ कराया। जनसुनवाई में कुल 11 समस्याएं प्राप्त हुईं, जिनमें अतिक्रमण की चार, प्रकाश व्यवस्था की दो और सीवर सफाई व आवारा कुत्तों के आतंक से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। वार्ड 35 निवासी नत्थूराम यादव द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग पर नगरायुक्त ने पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी को तत्काल प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए, वहीं चकहरेटी निवासी श्यामलाल की सीवर व स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा। अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव व मृत्युंजय सहित सभी विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई इस सुनवाई में नगरायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

 

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक गलियारों में मंगलवार को एक अलग ही नजारा था। जब जिले के बड़े-बड़े अफसर कुर्सियों से उठे और वहां मेधावी बेटियों ने मोर्चा संभाला। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत जिले की कमान एक दिन के लिए बेटियों के हाथों में सौंप दी गई। मेधावी छात्रा दिव्यांशी यादव ने एक दिन की जिलाधिकारी (DM) बनकर न सिर्फ फाइलें देखीं, बल्कि जनसमस्याओं को सुलझाने के गुर भी सीखे।

वहीं, कानून व्यवस्था का जिम्मा प्रिया यादव के कंधों पर रहा, जिन्होंने एक दिन की एसएसपी (SSP) बनकर पुलिसिंग की बारीकियों को समझा। सिर्फ DM-SSP ही नहीं, बल्कि मानशी वर्मा ने सीडीओ और आरती व अंजली ने एडीएम बनकर जिले की व्यवस्थाएं परखीं। असली अधिकारियों की मौजूदगी में बेटियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को समझा। प्रशासन ने इन ‘नन्ही अधिकारियों’ को डिक्शनरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया। इस अनूठी पहल ने समाज को साफ संदेश दिया है कि अगर मौका मिले, तो बेटियां जिले से लेकर देश तक की तकदीर बदल सकती हैं।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

मुजफ्फरनगर। पुलिस महकमे में ईमानदारी और मेहनत का इनाम जब मिलता है, तो पूरे महकमे का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर पुलिस कार्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा और एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे ने खतौली थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर नरेश कुमार को पदोन्नति का तोहफा दिया। एसएसपी ने नरेश कुमार के कंधों पर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) का तीसरा सितारा लगाकर उन्हें सम्मानित किया।

पदोन्नति मिलने पर एसएसपी ने खुद इंस्पेक्टर नरेश कुमार का मुंह मीठा कराया और उनके अब तक के शानदार कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह ‘तीसरा सितारा’ सिर्फ पद की बढ़ोत्तरी नहीं है, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और विभाग के भरोसे का प्रतीक है। एसएसपी ने उम्मीद जताई कि नरेश कुमार अपनी नई भूमिका में और अधिक ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपराध नियंत्रण और जनसेवा को प्राथमिकता देंगे। इस मौके पर साथी पुलिसकर्मियों ने भी नवनियुक्त इंस्पेक्टर को बधाई दी, जिससे पूरे कार्यालय में उत्साह का माहौल रहा।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मंगलवार को राजभवन में भविष्य के कर्णधारों को सफलता और सेवा का पाठ पढ़ाया। 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने जब राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की, तो माहौल औपचारिकता से ऊपर उठकर एक मार्गदर्शक और शिष्यों के संवाद में बदल गया। राज्यपाल ने युवा अफसरों को दो-टूक शब्दों में समझाया कि लाल बत्ती और रुतबे से बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास जीतना है।

प्रशिक्षु अधिकारी अंशुल भट्ट, हर्षिता सिंह और स्नेहिल कुंवर सिंह से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक सफल आईएएस वही है जिसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी झलकती हो। उन्होंने खास तौर पर उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहाड़ की चुनौतियों को समझने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार (Innovation) का सहारा लें। राज्यपाल ने युवा जोश को प्रेरित करते हुए कहा कि आप सरकार और आम आदमी के बीच का सबसे मजबूत पुल हैं, इसलिए आपकी हर फाइल और फैसले में गरीब की मुस्कान छिपी होनी चाहिए। राज्यपाल की इस ‘गुरुमंत्र’ वाली क्लास ने युवा अधिकारियों में जनसेवा का नया उत्साह भर दिया है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डालने वाले अफसरों की अब खैर नहीं। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित बेहद सख्त तेवर में नजर आए। उनके सामने कुल 76 शिकायतें आईं, जिनमें से उन्होंने मौके पर ही 34 का समाधान कर फरियादियों को राहत दी। बाकी बची फाइलों को विभागों को सौंपते हुए डीएम ने दो-टूक कहा— “जनता को चक्कर लगवाना बंद करें, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”

समीक्षा के दौरान जब सीएम हेल्पलाइन (1905) का कच्चा चिट्ठा खुला, तो जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। एल-1 और एल-2 स्तर पर सैकड़ों शिकायतें पेंडिंग देख उन्होंने अधिकारियों को जमकर लताड़ा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि सीधे शिकायतकर्ता को फोन लगाकर पूछें कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं। बैठक में जमीन कब्जा, नहर मरम्मत और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले छाए रहे, जिस पर डीएम ने तत्काल स्थलीय निरीक्षण के आदेश दिए हैं।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। अब गांव की महिलाएं सिर्फ चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि घर बैठे अपना बिजनेस साम्राज्य खड़ा करेंगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के विजन को धरातल पर उतारते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा ने सोमवार को ‘क्लाउड किचन’ ट्रेनिंग के दूसरे चरण का शानदार आगाज किया। हरिद्वार प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण महिलाओं को इस आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें ‘फूड एंटरप्रेन्योर’ बनाया जा रहा है।

ट्रेनिंग की शुरुआत करते हुए सीडीओ ने साफ कहा कि सिडकुल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में घर के खाने की भारी डिमांड है। महिलाएं क्लाउड किचन के जरिए इस डिमांड को पूरा कर शानदार कमाई कर सकती हैं। खास बात यह है कि पहले फेज की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रही हैं, और अब दूसरे चरण में जिले के सभी ब्लॉकों की 30 और महिलाओं को इसमें माहिर बनाया जा रहा है। प्रशासन न सिर्फ ट्रेनिंग दे रहा है, बल्कि ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस और लोन दिलाने में भी पूरी मदद कर रहा है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। भेल रानीपुर के सैनी समाज का 46वां वार्षिकोत्सव रविवार को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और प्रतिभा का गवाह बन गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यमंत्री सुनील सैनी ने मेधावी बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें सम्मानित किया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया, जिसे देख मंत्री ने समाज के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया।

अपने संबोधन में सुनील सैनी ने दो-टूक कहा कि शिक्षा ही वो हथियार है जिससे समाज की तकदीर बदली जा सकती है। उन्होंने क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले का जिक्र करते हुए युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ सफल न बनें, बल्कि ‘सेवा परमो धर्म’ के मंत्र के साथ समाज सेवा में भी आगे आएं। उन्होंने हरिद्वार के सैनी समाज की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस आयोजन को और भी विशाल रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में राजीव सैनी, मनोज सैनी और योगेश कुमार सहित पूरी टीम की पीठ थपथपाई गई, जिन्होंने इस भव्य समागम को सफल बनाने में जी-जान लगा दी।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर अब शासन-प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने साफ कर दिया है कि कागजी कार्रवाई में वक्त बर्बाद करने का दौर खत्म हो चुका है। मेला कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने दो-टूक कहा कि जिन कामों को हरी झंडी मिल चुकी है, उनकी निविदाएं (टेंडर) तुरंत निकाली जाएं। अधिकारी अब बजट की चिट्ठी का इंतज़ार कर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकेंगे।

इस बार की रणनीति कुछ अलग है। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि ‘नया’ खरीदने के चक्कर में पुरानी सामग्री को कबाड़ न बनाया जाए; पिछले मेलों के सामान का सही तालमेल बिठाएं ताकि जनता के पैसे की बर्बादी न हो। वहीं, सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है—मेला क्षेत्र के पुराने और जर्जर कुएं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मेले से पहले घाटों और पुलों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। कुल मिलाकर, मेलाधिकारी के इन सख्त तेवरों ने सुस्त पड़े विभागों की नींद उड़ा दी है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

• अभिलेखों और मालखाने की जांच कर परखी व्यवस्थाएं, बोले—जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण है प्राथमिकता

ग्रामीण तहकीकात/नवीन कुमार

मंगलौर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद में थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (एसपी देहात) शेखर चंद्र सुयाल ने क्षेत्राधिकारी मंगलौर अभिनय चौधरी के साथ कोतवाली मंगलौर का गहन अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी देहात ने थाना कार्यालय, अभिलेखों के रखरखाव, सरकारी संपत्ति, मालखाना और महिला हेल्प डेस्क का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई और पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा—

“पुलिस का मुख्य कार्य जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। कोतवाली में आने वाले हर फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और अभिलेखों का रखरखाव पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूर्ण हो। लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाई जाए और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत वांछित अपराधियों की धरपकड़ सुनिश्चित की जाए। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

वहीं, क्षेत्राधिकारी (सीओ) मंगलौर अभिनय चौधरी ने भी मातहतों को निर्देशित करते हुए कहा—

“क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखना और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। विशेषकर महिला डेस्क पर आने वाली शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।”

निरीक्षण के दौरान नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक भगवान मेहर सहित कोतवाली का समस्त पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। एसपी देहात ने व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाते हुए उन्हें जनता के प्रति मित्रवत व्यवहार करने की नसीहत दी।