ग्रामीण तहकीकात ऐप इंस्टॉल करने के लिए यहाँ क्लिक करें 📲

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

भगवानपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार बाहरी व्यक्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन अभियान के तहत भगवानपुर पुलिस ने मारपीट पर उतारू दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम जब कस्बे स्थित पेरिस कैफे/रेस्टोरेंट का सत्यापन कर रही थी, तभी वहां समीर निवासी शाहपुर और तनवीर निवासी डाडाजलालपुर आपस में झगड़ते और एक-दूसरे के साथ मारपीट करते पाए गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा काफी समझाने के बावजूद जब दोनों शांत नहीं हुए और पुलिस के सामने ही फसाद पर आमादा रहे, तो शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने दोनों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया। अ०उ०नि० प्रदीप चौहान के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल रविन्द्र राणा और दीपक भी टीम में शामिल रहे।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर के एमबीबीएस छात्रों ने मंगलवार को जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरिद्वार का शैक्षणिक भ्रमण कर आपदा प्रबंधन की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों को समझा। इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने छात्रों को जनपद स्तर पर संचालित होने वाली आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर मनोज कंडियाल ने संभावित आपदाओं की रोकथाम, त्वरित रिस्पांस तंत्र और आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के उपायों से छात्रों को अवगत कराया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से पहुंचे चिकित्सकों ने आपदा के दौरान ‘इमरजेंसी मेडिकल सर्विस’ और अस्पताल प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चिकित्सकों को आपदा के समय चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए तैयार करना रहा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

सहारनपुर। जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस व जनता के बीच के विश्वास को नया आयाम देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिनंदन सिंह की प्रभावी कार्यशैली लगातार चर्चाओं में है। इसी कड़ी में पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एसएसपी ने स्वयं उपस्थित होकर जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना। शिकायतों को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखते हुए, उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे शिकायतकर्ता को न केवल समाधान मिले, बल्कि उसे समय पर इसकी सूचना भी दी जाए, ताकि आमजन में पुलिस के प्रति अटूट विश्वास कायम हो सके। अभिनंदन सिंह की इस पहल को केवल एक विभागीय प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि सहारनपुर में सुशासन और न्याय की नींव मजबूत करने वाली एक सकारात्मक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे जनता को सीधे उच्चाधिकारी से जुड़कर अपनी पीड़ा रखने का मौका मिल रहा है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

सहारनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की तिमाही बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बिना किसी संतोषजनक कारण के ऋण आवेदन (Loan Application) निरस्त करने पर संबंधित बैंक अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले बैंकों के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और पीएम मुद्रा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में तेजी लाने और लंबित आवेदनों को 31 मार्च 2026 तक हर हाल में निस्तारित करने के आदेश दिए। सीडीओ सुमित राजेश महाजन की मौजूदगी में हुई इस बैठक में अग्रणी बैंक प्रबंधक कृष्णु दास सहित आरबीआई और नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया, जहां बैंकों को विकास योजनाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जनपदभर में ‘मिशन शक्ति-5.0’ अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण व सुरक्षा के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। जनपद के समस्त थानों की एंटी रोमियो टीमों ने स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर बालिकाओं को वुमेन पावर लाइन-1090, डायल-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 सहित विभिन्न आपातकालीन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पंफलेट वितरित कर निराश्रित महिला पेंशन, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और आयुष्मान जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए महिलाओं को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। शासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा और सम्मान का वातावरण बनाना है, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी पुलिस ने शांतिनगर में हुई बड़ी चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 12 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने रवि पुत्र मदन निवासी चरथावल को पचेण्डा बाईपास के पास से दबोचा। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अभियुक्त रवि पेशे से बढ़ई है और उसी ने पीड़ित प्रदीप को शांतिनगर में किराए का कमरा दिलवाया था। पड़ोस में ही दुकान होने के कारण उसका घर आना-जाना था और इसी दौरान उसने अलमारी में रखे जेवरात देख लिए थे। 13 मार्च को जब पीड़ित परिवार शादी में गया था, तभी अभियुक्त ने डुप्लीकेट चाबी से गेट खोलकर अलमारी से भारी मात्रा में आभूषण चोरी कर लिए थे। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने पतारसी-सुरागरसी के माध्यम से अभियुक्त को उस समय दबोच लिया जब वह चोरी के जेवरात बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी अपराध इन्दु सिद्धार्थ के कुशल निर्देशन में मुजफ्फरनगर का साइबर थाना डिजिटल अपराधों के विरुद्ध एक अभेद्य ढाल बनकर उभरा है। सुल्तान सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम न केवल जटिल तकनीकी मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने में भी तत्परता से जुटी है। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ साइबर पुलिस द्वारा स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियान डिजिटल युग में आमजन के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहे हैं। इन सेमिनारों के माध्यम से नागरिकों को अनजान लिंक, फर्जी कॉल और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने के प्रति सचेत किया जा रहा है, जिससे समाज में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण निर्मित हो रहा है। तकनीकी ज्ञान और जन-सहभागिता के बेहतरीन समन्वय से कार्य कर रही साइबर पुलिस की यह दोहरी रणनीति आज जिले में उत्कृष्ट पुलिसिंग और सुशासन का एक सशक्त उदाहरण पेश कर रही है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

लक्सर/हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद शासन ने हरिद्वार जिले के लक्सर और हरिद्वार तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण करने वाले स्टोन क्रेशरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 14 स्टोन क्रेशरों को सीज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई छापेमारी

मुख्यमंत्री को लक्सर और हरिद्वार क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रेशरों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन दल, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून को तत्काल मौके पर जाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज

आज दिनांक 17 मार्च 2026 को निदेशालय के प्रवर्तन दल ने हरिद्वार तहसील के ग्राम बाडीटीप और लक्सर तहसील के ग्राम फतवा, महतौली, मुजफ्फरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान (झीवरहेडी) में छापेमारी की।

जांच के दौरान इन 14 स्टोन क्रेशरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए:

एम.एम.डी.आर. एक्ट 1957 की धारा 23 सी और उत्तराखंड खनिज नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की गई।  मौके पर पैमाइश करने के बाद सभी 14 क्रेशरों को सीज कर दिया गया।  इन क्रेशरों का ई-रवन्ना पोर्टल तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।  प्रथम दृष्टया इन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई (सूची):

  1. मै० हाईवे कन्स्ट्रक्शन एण्ड क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  2. मै० सिंह स्टोन क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  3. मै० किसान स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  4. मै० शुभ स्टोन क्रेशर, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  5. मै० तुलसी स्टोन क्रेशर, ग्राम मुजफ्फरपुर गुजरा महतौली (लक्सर)
  6. मै० नेशनल एसोसिएट्स, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  7. मै० लिमरा इन्डस्ट्रीज, नेहन्दपुर (लक्सर)
  8. मै० दून स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  9. मै० गणपति स्टोन क्रेशर, जवाहरखान उर्फ झीवरहेडी (लक्सर)
  10. मै० वानिया स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  11. मै० माँ गंगा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  12. मै० अलकनन्दा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  13. मै० एस०एस० स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)

 

 

प्रवर्तन दल में शामिल अधिकारी

निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी (देहरादून), जिला खान अधिकारी (हरिद्वार), मानचित्रकार, खान निरीक्षक, सर्वेक्षक और सहायक खनिज प्रवर्तक सहित विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।

 

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात)

झबरेड़ा । उत्तराखंड की राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया और ऊर्जावान नाम चौधरी ओमवीर सिंह बड़ी मजबूती के साथ उभर रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सफल उद्यमी ओमवीर सिंह ने अब दोहरा मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक ओर वह कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें ‘राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.)’ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक: एक प्रेरणादायक सफर

मूल रूप से ऊंचा गांव निवासी और सुरेंद्र सिंह के पुत्र, चौधरी ओमवीर सिंह की जीवन यात्रा युवाओं के लिए मिसाल है। अपने चाचा विक्रम सिंह के संरक्षण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले ओमवीर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एमएससी (M.Sc.) तक की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की।

एक प्रोफेशनल के तौर पर ‘क्वालिटी मैनेजर’ और ‘प्लांट हेड’ जैसे ऊंचे पदों पर कार्य करने के बाद, उन्होंने महान उद्योगपति रतन टाटा से प्रेरणा ली। आज वह सेलाकुई (देहरादून) में अपनी फार्मा कंपनी के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के सपने को धरातल पर उतार रहे हैं।

डॉ. हरक सिंह रावत को माना अपना ‘राजनीतिक गुरु’

ओमवीर सिंह कद्दावर नेता डॉ. हरक सिंह रावत को अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रावत के विकासवादी विजन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

“डॉ. हरक सिंह रावत ने मंत्री रहते हुए प्रदेश का कायाकल्प किया। चार जिले, सात तहसीलें और कई मेडिकल कॉलेज उन्हीं की देन हैं। मैं उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर कांग्रेस को उत्तराखंड का भविष्य बनाना चाहता हूँ।” — चौधरी ओमवीर सिंह

संगठन और राजनीति: दोनों मोर्चों पर सक्रिय

अब राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे है, ओमवीर सिंह समाज की एकता और युवाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन के माध्यम से गुर्जर समाज को एकजुट करना और कांग्रेस की जनकल्याणकारी नीतियों को हर घर तक पहुंचाना है।

भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार: 2027 में बदलाव का दावा

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:

  • जनता की अनदेखी: भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं और दर्द से बेखबर है।
  • महंगाई का दंश: गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
  • 2027 का संकल्प: ओमवीर सिंह ने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा की विफलताओं का हिसाब लेगी और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी।

चौधरी ओमवीर सिंह वर्तमान में स्वास्थ्य शिविरों और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्र की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और विकास के लिए कांग्रेस के हाथ मजबूत करें।

 

“जनता को तहसील के चक्कर न काटने पड़ें, समस्याओं का मौके पर ही हो समाधान” – जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात रूड़की | 17 मार्च 2026

मंगलवार को तहसील रूड़की में कंप्यूटर लैब के भव्य लोकार्पण के उपरांत जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित ने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित में कड़े निर्देश जारी किए।

आमजन की समस्याओं में ‘जीरो टॉलरेंस’

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि तहसील में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम नागरिकों के कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:

“यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और प्राथमिकता के आधार पर हो।”

लंबित वादों और अभिलेखों पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील में चल रहे न्यायालयी वादों (Cases) की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • पुराने मुकदमों का निपटारा: जो वाद लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारित किया जाए।
  • अभिलेखों का रख-रखाव: कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से रखा जाए।
  • स्वच्छता: तहसील परिसर और कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

मौके पर मौजूद अधिकारी

इस निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी सहित तहसील के अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सख्ती से तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही, वहीं आम जनता ने इस कदम की सराहना की है।