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आईआईटी रूड़की, जिला प्रशासन और वी-मार्क इंडिया की संयुक्त पहल; सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा AI और कंप्यूटर का मुफ्त प्रशिक्षण।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रूड़की। 17 मार्च 2026 तहसील रूड़की अब केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा का हब भी बनने जा रही है। मंगलवार को तहसील परिसर में वी-मार्क इंडिया लिमिटेड के सीएसआर (CSR) सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का भव्य लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत और वी-मार्क इंडिया के एमडी श्री विकास गर्ग ने संयुक्त रूप से लैब का उद्घाटन किया।

IIT रूड़की सिखाएगा AI के गुर, मिलेगा सर्टिफिकेट

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि जिला प्रशासन और आईआईटी रूड़की के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU) रहा। इस समझौते के तहत:

  • विशेष प्रशिक्षण: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आईआईटी रूड़की के प्रोफेसरों द्वारा कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी।
  • प्रमाणन: कोर्स पूरा होने पर छात्रों को आईआईटी रूड़की द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
  • महिला सशक्तिकरण: लैब और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन और शिक्षा जगत का अनूठा संगम

लोकार्पण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “यह पहल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उन्हें डिजिटल भारत की मुख्यधारा से जोड़ेगी।” वहीं, आईआईटी निदेशक प्रो. के. के. पंत ने इसे समाज, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तकनीकी सहयोग से ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्र भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, आईआईटी के डीन प्रो. विवेक मलिक, प्रो. करुण रावत, श्री नवीन नवानी, और सीनियर कंसल्टेंट श्रीमती मार्गरेट क्लिमकोटी उपस्थित रहीं।

प्रशासनिक टीम से अपर उपजिलाधिकारी श्री अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी, और लक्सर तहसीलदार श्रीमती शुभांगिनी मौजूद रहीं। वी-मार्क इंडिया की ओर से सीएफओ श्री डी. के. बंसल और जीएम राहुल वत्स सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

बड़ी बात: इस पहल से रूड़की के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब विश्वस्तरीय संस्थान (IIT) से जुड़कर भविष्य की तकनीक सीखने का मौका घर के पास ही मिल सकेगा।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रुड़की। 16 मार्च 2026 उत्तराखंड की रुड़की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गंगनहर कोतवाली पुलिस ने सलेमपुर गांव के पास स्थित एक वर्कशॉप पर छापा मारकर अवैध हथियारों की फैक्ट्री का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए हैं।

वर्कशॉप की आड़ में ‘मौत’ का सामान

रुड़की के सलेमपुर क्षेत्र में ‘जेपीएस टोटल सोल्यूशन’ नामक एक वर्कशॉप है। मुखबिर की सटीक सूचना पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी मणीभूषण श्रीवास्तव और एसएसआई दीप कुमार की टीम ने जब यहाँ दबिश दी, तो नजारा चौंकाने वाला था। वर्कशॉप के भीतर खराद मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित हथियार और उपकरण बरामद किए हैं:

  • 06 तैयार तमंचे।
  • 01 अर्धनिर्मित देशी पिस्टल।
  • 01 अधबनी रायफल।
  • 01 मैगजीन।
  • 39 अलग-अलग बोर के खाली खोखे।
  • 09 जिंदा कारतूस।

हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाली खराद मशीन और अन्य उपकरण।

संचालक गिरफ्तार, UP तक जुड़े हैं तार

पुलिस ने मौके से वर्कशॉप के संचालक जावेद (निवासी शक्ति मोहल्ला, रुड़की) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि जावेद पहले खराद और मशीन वर्क का काम करता था, जिसकी आड़ में उसने अवैध हथियारों का धंधा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि यहाँ से बने हथियारों की सप्लाई स्थानीय क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी की जा रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हम इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और इन हथियारों की सप्लाई किन-किन लोगों को की गई है।

नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी

इलाके में हड़कंप

रिहायशी इलाके के पास इस तरह की हथियार फैक्ट्री पकड़े जाने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ ‘CCTNS’ के माध्यम से अन्य थानों से भी संपर्क कर रही है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार | 16 मार्च 2026 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का दौरा कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और सभी स्वीकृतियां शासन स्तर पर तुरंत जारी की जाएंगी।

समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य—जैसे सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं—निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की चेतावनी दी।

​”कुंभ एक विराट आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। शासन स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाएगा। मैंने मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश दे दिए हैं कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से जारी की जाएं।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

तैयारियों के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?

​बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  • हाई-टेक सुरक्षा: आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नया कंट्रोल रूम: मेला नियंत्रण भवन के पास सीसीआर-2 (CCR-2) भवन परियोजना को जल्द वित्तीय मंजूरी मिलेगी।
  • सुगम यातायात: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है।
  • आधुनिक डामकोठी: डामकोठी अतिथि गृह का विस्तार कर वहां एक नया, आधुनिक और आकर्षक भवन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मंदिर मार्गों का सुधार: मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण की योजना को हरी झंडी दे दी गई है।

33 स्थायी योजनाओं पर काम शुरू

​मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए वर्तमान में 33 स्थायी प्रकृति की योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें घाटों का निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और मुनीकीरेती क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

समन्वय से सफल होगा आयोजन

​सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने को कहा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से इस आयोजन को ‘सुव्यवस्थित और सुरक्षित’ बनाने का संकल्प दोहराया।

बैठक में मौजूद रहे दिग्गज: इस समीक्षा बैठक में हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के दो जांबाज खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में अपनी चमक बिखेरते हुए न केवल विभाग का सिर ऊंचा किया है, बल्कि सहारनपुर जनपद का नाम भी राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि को देखते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें विशेष सम्मान से नवाजा है।

सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहारनपुर ने एक गरिमामय समारोह में शूटिंग के इन दो धुरंधरों को ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रोन्नति (Promotion) प्रदान की। आरक्षी (सिपाही) के पद पर तैनात मानवेन्द्र चौधरी और मनीषा पाल के कंधों पर जब एसएसपी ने उपनिरीक्षक (SI) के सितारे लगाए, तो पूरा कार्यालय तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इन सितारों ने बढ़ाया विभाग का मान

विभाग ने इन दोनों खिलाड़ियों के पिछले शानदार प्रदर्शन को आधार बनाकर यह पदोन्नति दी है:

मानवेन्द्र चौधरी: पुलिस लाइन सहारनपुर में तैनात मानवेन्द्र ने साल 2024 में आयोजित 67वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में अपना लोहा मनवाया। उन्होंने 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर यूपी पुलिस की झोली में गौरव डाला।

मनीषा पाल: पुलिस लाइन सहारनपुर में ही तैनात मनीषा ने साल 2023 में 66वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

एसएसपी ने थपथपाई पीठ

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी सहारनपुर ने दोनों नव-प्रोन्नत उपनिरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा:

“इन खिलाड़ियों ने अपने असाधारण कौशल, अनुशासन और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। यह पदोन्नति उनके कठिन परिश्रम का सम्मान है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का तिरंगा लहराएंगे।”

विभाग में खुशी की लहर

प्रोन्नति के इस कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मानवेन्द्र और मनीषा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। एसएसपी ने उम्मीद जताई कि इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर विभाग के अन्य युवा पुलिसकर्मी भी खेल और ड्यूटी के प्रति प्रोत्साहित होंगे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

सहारनपुर। जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना कुतुबशेर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी अभिनन्दन सिंह के कुशल निर्देशन में कुतुबशेर पुलिस ने ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी रकम वापस कराकर खाकी पर जनता के भरोसे को और मजबूत किया है।

क्या था मामला?

जानकारी के अनुसार, लेबर कॉलोनी निवासी विश्वास तिवारी के साथ 13 नवम्बर 2025 को अज्ञात साइबर ठगों ने धोखाधड़ी कर 42,581 रुपये की चपत लगाई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाना कुतुबशेर स्थित साइबर हेल्प डेस्क में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की गई।

त्वरित कार्रवाई से वापस आई रकम

थाना कुतुबशेर प्रभारी इंस्पेक्टर एच.एन. सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक पोर्टल के माध्यम से त्वरित कानूनी प्रक्रिया अपनाई। लगातार की गई डिजिटल पड़ताल और संबंधित गेटवे से संपर्क साधने के बाद, पुलिस टीम ठगी गई पूरी राशि (42,581 रुपये) पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने में सफल रही। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर विश्वास तिवारी ने पुलिस टीम का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

साइबर अपराध के इस मामले को सुलझाने में प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह के साथ निरीक्षक कंवरपाल, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार, हेड कांस्टेबल रीतू ढाका और कांस्टेबल हरिओम कुमार की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस की अपील: तुरंत करें शिकायत

प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रुड़की। रुड़की के भारापुर भोरी क्षेत्र में सड़कों पर पसरे अंधेरे और उससे पैदा होने वाले असुरक्षा के डर ने ग्रामीण महिलाओं को मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

अंधेरे के कारण बना रहता है असामाजिक तत्वों का डर

ज्ञापन सौंपने पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे विभिन्न कंपनियों में काम करती हैं। काम से लौटते समय भारापुर भोरी क्षेत्र के मुख्य रास्ते पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण भारी अंधेरा रहता है। रात के समय इस रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं होता। महिलाओं ने आरोप लगाया कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय रहते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है।

रोमा सैनी ने उठाई महिलाओं की आवाज

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी ने कहा कि क्षेत्र की महिलाओं ने पिछले दिनों उनसे मिलकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने कहा, “महिलाएं आत्मनिर्भर होकर काम पर जा रही हैं, लेकिन रास्ते में बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी सुरक्षा में बाधा बन रही है।” इसी के मद्देनजर आज सांसद महोदय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।

सांसद का आश्वासन: लगेंगी 10 स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी

महिलाओं की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मौके पर ही समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जल्द ही इस चिन्हित रास्ते पर 10 नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए।

सांसद ने स्पष्ट किया कि विभाग को इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई के आदेश दे दिए जाएंगे, ताकि रात के समय घर लौटने वाली श्रमिक महिलाओं और स्थानीय निवासियों को कोई असुविधा न हो।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

देहरादून। फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का ग्रैंड फिनाले 21 मार्च को आयोजित किया जाएगा। उत्तराखंड में आयोजित दो ऑडिशन राउंड्स के बाद 21 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जिनके बीच ग्रैंड फिनाले में ताज के लिए मुकाबला होगा।

ग्रैंड फिनाले के दौरान प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 8 सब-टाइटल भी दिए जाएंगे, जिनमें मिस फोटोजेनिक, मिस ब्यूटिफुल स्माइल, मिस टैलेंटेड, मिस वाइब्रेंट पर्सनैलिटी, मिस रैंप वॉक, मिस ग्लोइंग स्किन, मिस कॉन्जिनियल और मिस ब्यूटिफुल आइज शामिल हैं।

इस प्रतियोगिता की विजेता फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड के रूप में चुनी जाएंगी और मुंबई में आयोजित होने वाली फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। उत्तराखंड में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।

प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों की इंडियन एथनिक कॉस्ट्यूम को ऋचा एहलावत की छाप क्रिएशन द्वारा डिजाइन किया गया है, जबकि इवनिंग गाउन रुचिका गोयल और अपराजिता गोयल द्वारा तैयार किए गए हैं।

जजमेंट के लिए मुंबई से मिस इंडिया 2024 निकिता पोरवाल विशेष रूप से देहरादून पहुंचेंगी। शो की कोरियोग्राफी जैज पुष्कर सोनी द्वारा की जाएगी, जबकि इवेंट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी हिमानी रावत, अनन्या भंडारी और राहुल छाबड़ा निभाएंगे। प्रतिभागियों की स्टाइलिंग के लिए मुंबई से निशांक सेनानी और प्रियादिति सिंधी मौजूद रहेंगे। सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों का ट्रेनिंग प्रोग्राम 17 मार्च से शुरू होगा। इसके तहत 17 मार्च को ओरिएंटेशन और रैंप वॉक ट्रेनिंग, 18 मार्च को कोरियोग्राफी और फोटोशूट, 19 मार्च को सब-टाइटल राउंड विद मीडिया, 20 मार्च को कोरियोग्राफी और टेक रन तथा 21 मार्च को ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया जाएगा।

ट्रेनिंग कार्यक्रम सेंट्रियो मॉल के स्काई डैक में आयोजित किया जाएगा। मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन ने बताया कि

फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का आयोजन फेमिना मिस इंडिया के लाइसेंसी सिनमिट कम्यूनिकेशंस द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में लक्ष्मी ज्वैलर्स, न्यू इरा मॉडलिंग फोटो स्टूडियो, औरा हाइट्स, जेबीसीसी लाउंज, औरा दून लेज़र होटल, एलोरास मेल्टिंग मुमेंट्स, एडोन, पेटअल्स, रोमियों लेन, ओंकार प्रिंटर्स और सेंट्रियो मॉल का विशेष सहयोग रहेगा।

इस मौके पर मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन, सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मंगलौर। हरिद्वार पुलिस ने कार लूट की एक सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में मंगलौर पुलिस ने हरियाणा के एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को लूटी हुई नेक्सोन कार के साथ दबोच लिया है। आरोपी ने अपने नशे और महंगे शौक पूरे करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।

क्या थी पूरी घटना?

​बीती 14 मार्च की रात करीब 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि रोहित कुमार (निवासी नगला ऐमाद) से तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी नेक्सोन कार (DL8C-BL-0846) लूट ली है। बदमाशों ने चालक को धक्का देकर बाहर फेंका और कार लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक मंगलौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नाकाबंदी शुरू कर दी।

भागते समय एक्सीडेंट और खेतों में फरारी

​लूट के बाद भाग रहे बदमाशों ने हड़बड़ाहट में एक स्कूटी सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार का अगला टायर फट गया। पुलिस को पीछे आता देख और गाड़ी की हालत खराब होते देख आरोपी लिब्बरहेड़ी फ्लाईओवर के पास कार छोड़कर खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस ने तुरंत कार को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

दोस्तों को नीचा दिखाने के लिए बना ‘लुटेरा’

​गिरफ्तार आरोपी नीरज (निवासी सोनीपत, हरियाणा) ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह 13 मार्च को अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने आया था, लेकिन शराब पीने के दौरान दोस्तों से विवाद हो गया और दोस्त उसे छोड़कर अपनी गाड़ी से हरियाणा चले गए।

​नीरज ने बदला लेने और दोस्तों को यह दिखाने के लिए कि “उसके पास भी अपनी गाड़ी है”, रुड़की से एक कार किराए पर बुक की और योजनाबद्ध तरीके से गुड़ मंडी के पास चालक को धक्का देकर कार लूट ली।

हरियाणा का खूंखार अपराधी है नीरज

​पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी नीरज हरियाणा के मुरथल और सोनीपत क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या के प्रयास (307), धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मंगलौर पुलिस ने उसे घेराबंदी कर क्षेत्र से ही दबोच लिया।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:

इस बड़ी लूट का खुलासा करने और आरोपी को दबोचने में निम्नलिखित टीम की मुख्य भूमिका रही:

  • प्रभारी निरीक्षक: अमरजीत सिंह
  • ​वरिष्ठ उपनिरीक्षक (व.उ.नि.): मनोज गैरोला
  • ​उपनिरीक्षक (उ.नि.): प्रवीण विष्ट
  • ​उपनिरीक्षक (उ.नि.): हेमदत्त भारद्वाज
  • ​हेड कांस्टेबल: अमित शर्मा
  • ​कांस्टेबल: अरविन्द
  • ​कांस्टेबल: सुधीर
  • ​कांस्टेबल: विनोद
  • ​कांस्टेबल: नरेश

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में ‘जनसुनवाई कार्यक्रम’ का आयोजन किया। इस दौरान राजस्व, बिजली, पानी और अवैध कब्जे से जुड़ी कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 का निस्तारण जिलाधिकारी ने मौके पर ही कर दिया। शेष शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रमुख शिकायतें जिन पर रहा डीएम का फोकस:

जनसुनवाई में कई गंभीर मामले सामने आए, जिस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया:

  • लाइनमैन की शिकायत: भारापुर (रुड़की) की ग्राम प्रधान कविता रानी ने लाइनमैन पर अभद्र व्यवहार और फोन न उठाने का आरोप लगाते हुए उसे बदलने की मांग की।
  • जोहड़ पर अवैध कब्जा: रणसुरा (रुड़की) के ग्रामीणों ने जोहड़ और नाले पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिससे गांव का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
  • खराब ट्यूबवेल: मूलदासपुर (रुड़की) के किसानों ने बताया कि सिंचाई ट्यूबवेल (RG06) की मोटर 28 फरवरी से खराब है, जिससे फसलें सूख रही हैं।
  • विद्युत बिल में गड़बड़ी: शिवा कुमार ने मीटर रीडर द्वारा गलत रीडिंग दर्ज करने और भारी बिल वसूली की शिकायत की।
  • सीएम हेल्पलाइन पर सख्त रुख: 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर जवाब तलब

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन (1905) की समीक्षा के दौरान पाया कि L1 स्तर पर 401 और L2 स्तर पर 117 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें।

“लापरवाही की तो होगी कार्रवाई”

डीएम मयूर दीक्षित ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में आने वाली समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण (Field Visit) की जरूरत है, अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मौके पर जाएं और समाधान निकालें।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा, एडीएम पी.आर. चौहान, सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, एसडीएम जितेंद्र कुमार सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न होटलों और ढाबों पर छापेमारी कर 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छापेमारी से मचा हड़कंप, इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन और भारत सरकार के ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026) के तहत जनपद के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

रविवार, 15 मार्च को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने कुल 15 होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान:

  • नवोदय नगर (बहादराबाद): यहां से 05 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए।
  • तहसील भगवानपुर: यहां भी टीम ने 05 सिलेंडर कब्जे में लिए।

कुल 10 सिलेंडर जब्त करते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

41 गैस एजेंसियों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी

प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद की सभी 41 गैस एजेंसियों पर अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए हैं। ये 41 अधिकारी नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्राकृतिक गैस, एलपीजी या सीएनजी की कालाबाजारी या दुरुपयोग न हो।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्ति विभाग को सख्त हिदायत दी है कि यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो घरेलू गैस सिलेंडर आम जनता की रसोई के लिए हैं, उनका उपयोग व्यापारिक लाभ के लिए करना कानूनन अपराध है। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।