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विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले को भव्य और सुगम बनाने के लिए मेला प्रशासन ने कमर कस ली है। कुंभ क्षेत्र के मुख्य स्टेशनों के साथ-साथ नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने मोतीचूर रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मोतीचूर स्टेशन पर होगा आधारभूत ढांचे का विकास

निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुंभ के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • प्लेटफार्मों का उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाए।
  • यात्रियों के बैठने, ठहरने और पेयजल की समुचित व्यवस्था हो।
  • प्रवेश और निकास मार्गों का प्रबंधन इस तरह हो कि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
  • शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • हाथियों से सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

चूँकि मोतीचूर रेलवे स्टेशन राजाजी नेशनल पार्क के वन क्षेत्र से सटा हुआ है, इसलिए यहाँ हाथियों की आवाजाही का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्टेशन परिसर के आसपास सोलर फेंसिंग (सौर ऊर्जा चलित बाड़) लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए रैंप और प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने जैसे कार्य भी जल्द शुरू होंगे।

समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे कार्य

अपर मेलाधिकारी ने कहा कि मेला प्रशासन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है ताकि सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराने के लिए मेला प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मेला कार्यालय के टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार, व्यवस्थाधिकारी विकास शर्मा, मोतीचूर स्टेशन अधीक्षक, रेलवे के इंजीनियर और आरपीएफ (RPF) के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जन समस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता को वास्तविक राहत देने वाला होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर लंबित सभी शिकायतों का हर हाल में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

लापरवाह अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

बैठक में विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि एल-1 (L1) स्तर पर 429 और एल-2 (L2) स्तर पर 103 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास 10 से अधिक शिकायतें हैं, वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निस्तारण की गुणवत्ता में कमी पाई गई या लापरवाही उजागर हुई, तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

इन विभागों को मिला सख्त अल्टीमेटम

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों को लंबित मामलों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए:

  • पुलिस विभाग और नगर निगम
  • यूपीसीएल (विद्युत विभाग) और जल संस्थान
  • राजस्व, भू-अभिलेख और खाद्य आपूर्ति विभाग
  • सिंचाई एवं उत्तराखंड पेयजल निगम

डीएम ने यूपीसीएल के अधिकारियों को बिजली संबंधी समस्याओं पर सीधे कॉल कर फीडबैक लेने और प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।

नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान

नगर निकायों और नगर निगम को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रशासन के लिए जनता का फीडबैक है, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी कार्यप्रणाली स्थापित की जा सकती है।

बैठक में ये रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, एसडीएम जितेंद्र कुमार, एसडीएम रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित सभी खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में आस्था की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले और संदिग्ध रूप से रह रहे ‘कालनेमियों’ (बहरूपियों) के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने जोरदार अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के आदेशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने सर्वानंद घाट, हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों से 27 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्धों के सत्यापन और पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने टीम गठित कर घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

बिना पहचान पत्र और संदिग्ध वेशभूषा में मिले 27 लोग

पुलिस टीम ने हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, हाथी पुल और सर्वानंद घाट जैसे प्रमुख स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान धर्म की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करने वाले, बिना पहचान पत्र के अवैध रूप से रह रहे और संदिग्ध आचरण वाले 27 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इन सभी के विरुद्ध धारा- 172(2) BNSS के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है।

अपराधिक इतिहास की हो रही जांच

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन सभी के फिंगरप्रिंट ले रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।

एसएसपी की अपील: सजग रहे जनता

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घाटों पर ढोंगियों और बहरूपियों के खिलाफ यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। हरिद्वार पुलिस ने जनता से भी अपील की है:

“यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या ढोंगी बाबा घूमता हुआ दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।”

गिरफ्तार संदिग्धों का विवरण:

पकड़े गए लोगों में हरदोई, कानपुर, छपरा (बिहार), सागर (मप्र) और दिल्ली समेत कई राज्यों के व्यक्ति शामिल हैं, जो लंबे समय से हरिद्वार के अलग-अलग घाटों पर डेरा जमाए हुए थे।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत गिरफ्तार किए गए सभी 27 संदिग्ध व्यक्तियों के नामों की सूची दी गई है:

  1. अजय कुमार (उत्तर प्रदेश)
  2. सन्तराम (हरदोई, उ.प्र.)
  3. झब्बू (हरदोई, उ.प्र.)
  4. वीरचंद गुप्ता (पिरान कलियर/हरिद्वार)
  5. राजेन्द्र चौधरी (कैमूर, बिहार)
  6. चन्द्र पाल (हरदोई, उ.प्र.)
  7. बृजमोहन सिंह (डिण्डोरी, म.प्र.)
  8. रामबाबू (छपरा, बिहार)
  9. विकास कुमार (सहारनपुर, उ.प्र.)
  10. आनन्द तिवारी (सागर, म.प्र.)
  11. देमन दास (बाड़मेर, राजस्थान)
  12. हरिपदो संन्यासी (हर की पैड़ी, हरिद्वार)
  13. पवन कुमार (रोहिणी, दिल्ली)
  14. सुरेश कुमार (चण्डीगढ़)
  15. प्रकाश हरिजन (भागलपुर, बिहार)
  16. रामचंदर (बिजनौर, उ.प्र.)
  17. मुकेश कुमार (इलाहाबाद, उ.प्र.)
  18. रोहन लाल (फरुखाबाद, उ.प्र.)
  19. दिनेश सिंह (कानपुर देहात, उ.प्र.)
  20. चन्दर पासवान (बांका, बिहार)
  21. रविन्द्र गिरी (रांची, झारखण्ड)
  22. फेरे राम (गौतमबुद्धनगर, उ.प्र.)
  23. सरजू दास (बांका, बिहार)
  24. अजय शर्मा वशिष्ठ (भरतपुर, राजस्थान)
  25. पागलपुरी (ग्वालियर, म.प्र.)
  26. आनन्द प्रकाश मिश्रा (कानपुर, उ.प्र.)
  27. नेबू लाल (सर्वानन्द घाट, हरिद्वार)

विशेष रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। अवैध खनन के मामले में संलिप्तता और लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी इकबालपुर समेत 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

थाना झबरेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत इकबालपुर चौकी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। एसएसपी नवनीत सिंह को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जब प्राथमिक जांच की गई, तो चौकी प्रभारी और वहां तैनात अन्य कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। अनुशासनहीनता और अवैध कार्यों में संलिप्तता के इन गंभीर आरोपों को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने यह सख्त कदम उठाया है।

निलंबित होने वाले पुलिसकर्मी:

एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चौकी प्रभारी इकबालपुर के साथ-साथ उनके अधीन कार्य करने वाले 5 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

 

SP देहात शेखर चंद्र सुयाल को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक देहात शेखर चंद्र सुयाल (SP Rural) को सौंपी है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करें।

 

“अनुचित कार्यों में संलिप्तता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्दी की गरिमा से समझौता करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” > — एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह 

क्षेत्र में चर्चा का विषय

इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य थानों और चौकियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कप्तान के इस कड़े रुख ने साफ संदेश दे दिया है कि यदि कोई भी खाकीधारी अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसका अंजाम निलंबन और विभागीय कार्रवाई ही होगा।

 

सहारनपुर। जनपद में नशे के सौदागरों के खिलाफ सहारनपुर पुलिस का अभियान ‘ऑपरेशन सवेरा’ पूरी रफ्तार से चल रहा है। इसी कड़ी में थाना कुतुबशेर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ है।

अभियान “नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर”

पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सहारनपुर परिक्षेत्र, अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी रोकने के लिए “ऑपरेशन सवेरा” चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिनन्दन सिंह के निर्देशानुसार, जिले भर में नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें मुस्तैद हैं।

दर्पण तिराहे के पास से हुई गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिन्दल और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह के नेतृत्व में थाना कुतुबशेर पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया। पुलिस ने दर्पण तिराहे के पास पुलिया से शातिर तस्कर रिहान पुत्र वसीम (निवासी मोहल्ला चरवरदरान) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

238 ग्राम चरस बरामद, जांच जारी

तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 238 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस तस्करी के ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स’ खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था।

 

सहारनपुर: सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की सबसे महत्वाकांक्षी योजना “मां शाकम्भरी देवी आवासीय योजना, नवीन सहारनपुर” अब हकीकत बनने जा रही है। अगर आप भी शहर में अपने आशियाने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।

रेरा (RERA) पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय के नेतृत्व में इस योजना को युद्ध स्तर पर गति दी जा रही है। 12 मार्च 2026 को रेरा विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में परियोजना के पंजीकरण से जुड़ी सभी तकनीकी और कानूनी औपचारिकताएं सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गईं।

जल्द होगा शिलान्यास और आवेदन की शुरुआत

उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने बताया कि अब बहुत जल्द SDA को रेरा पंजीकरण प्राप्त हो जाएगा। इसके तुरंत बाद योजना के प्रथम चरण का भव्य लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा।

विजिटर्स के लिए काम की बातें:

  • कैसे होगा आवंटन? आवासीय भूखंडों का आवंटन पूरी तरह से पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के जरिए होगा।
  • आवेदन कैसे करें? पंजीकरण मिलते ही SDA ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा।
  • आधुनिक शहर की झलक: यह योजना सहारनपुर के अब तक के सबसे संगठित और आधुनिक शहरी विकास का हिस्सा है।
  • क्यों खास है यह योजना?

“नवीन सहारनपुर” के तहत बनने वाली यह योजना न केवल आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होगी, बल्कि प्राधिकरण के प्रयासों से इसे बेहद पारदर्शी रखा गया है ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के अपना घर मिल सके।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

झबरेड़ा। विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने आज झबरेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झबरेडी कला और मानकपुर आदमपुर में जबरदस्त छापेमारी कर बिजली चोरों और लंबे समय से बिल दबाकर बैठे बकायादारों की नींद उड़ा दी। झबरेड़ा एसडीओ मोहम्मद रिजवान की मुख्य भूमिका और सटीक रणनीति के चलते आज विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की। विजिलेंस की टीम बकायादारों की लंबी सूची लेकर जैसे ही गांव में दाखिल हुई, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस संयुक्त टीम में एसडीओ मोहम्मद रिजवान के साथ विजिलेंस टीम के एसडीओ अनिल, एसडीओ विकास, एसडीओ रॉबिन, इंस्पेक्टर मारुतशाह और जेई अशोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 30 ऐसे बड़े बकायादारों के मीटर मौके पर ही उखाड़ लिए जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया था। चेकिंग के दौरान टीम ने एक ग्रामीण को सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी करते हुए और एक उपभोक्ता को पीटीडब्ल्यू (PTW) मीटर का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों दबोचा। एसडीओ मोहम्मद रिजवान ने कड़े लहजे में बयान देते हुए कहा कि आज कुल 31 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई है और यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं को दो टूक चेतावनी दी कि जिन लोगों के कनेक्शन बकाया पर काटे जा चुके हैं, यदि वे दोबारा अवैध रूप से बिजली जोड़ते पाए गए या बिल जमा नहीं किया, तो उनके खिलाफ आरसी (RC) काटने और जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने से बचने के लिए तत्काल अपना बकाया बिजली बिल जमा करें।

 

ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। कस्बे और आसपास के देहात क्षेत्रों में इन दिनों मेडिकल स्टोरों के नाम पर नियम-कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय चर्चाओं की मानें तो क्षेत्र के लगभग 90 फीसदी मेडिकल स्टोर बिना किसी फार्मासिस्ट के ही राम-भरोसे चल रहे हैं, जबकि कानूनन बिना फार्मासिस्ट के दवा की पुड़िया देना भी अपराध है। आलम यह है कि कई दुकानों पर न तो जीवन रक्षक दवाओं को बचाने के लिए फ्रिज चालू हैं और न ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों का अता-पता है। हद तो तब हो गई जब थोक लाइसेंस की आड़ में कई धड़ल्ले से फुटकर दवाइयां बेच रहे हैं और कुछ जगहों पर तो बिना किसी वैध डिग्री के पशुओं की दवाइयां भी खपाई जा रही हैं। जब इस पूरे गोरखधंधे को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह से बात की गई, तो साहब ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “मेरे संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है, आप लिखकर शिकायत दो तब मैं कार्रवाई करूँगा।” अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी किसी के लिखकर देने का इंतजार है? शासनादेश तो यह कहता है कि ड्रग इंस्पेक्टर का काम खुद फील्ड में उतरकर औचक निरीक्षण करना और गलत को रोकना है। एक सजग पत्रकार का काम व्यवस्था की पोल खोलना है, न कि विभाग के लिए शिकायतकर्ता बनकर कचहरी के चक्कर काटना। अब क्षेत्र की जनता यह देख रही है कि नवनियुक्त ड्रग इंस्पेक्टर साहब कब अपनी कुर्सी छोड़कर इन मनबढ़ संचालकों पर डंडा चलाते हैं या फिर लिखित शिकायत के बहाने मामले को ठंडे बस्ते में ही डाले रखते हैं।

नसीरपुर अफजलपुर की माटी से निकलकर अब झबरेड़ा विधानसभा में ‘परिवर्तन’ की मशाल थामने को तैयार आदेश कुमार

झबरेड़ा/मंगलौर। राजनीति में जब कोई व्यक्तित्व संघर्ष की भट्टी में तपकर निकलता है, तो उसकी चमक दूर तक दिखाई देती है। मंगलौर के नसीरपुर अफजलपुर गांव से अपनी राजनैतिक पारी शुरू करने वाले आदेश कुमार अब झबरेड़ा विधानसभा के दंगल में ‘मजबूत दावेदार’ के रूप में ताल ठोक चुके हैं। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए आदेश कुमार ने अभी से क्षेत्र के गांव-गांव और गली-मोहल्लों में डेरा डाल दिया है। उनकी इस सक्रियता ने झबरेड़ा की राजनैतिक बिसात पर हलचल पैदा कर दी है।

किसानों और गरीबों की बुलंद आवाज

आदेश कुमार की राजनीति का मूल मंत्र ‘जनसेवा’ है। वर्तमान में वे झबरेड़ा क्षेत्र के किसानों और गरीबों की सबसे मुखर आवाज बनकर उभरे हैं। खाद-बीज की समस्या हो या बिजली-पानी का संकट, आदेश कुमार हर मोर्चे पर आम आदमी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं। क्षेत्र की जनता के बीच उनकी बढ़ती पैठ का ही नतीजा है कि आज लोग उन्हें ‘भविष्य के विकल्प’ के रूप में देखने लगे हैं।

2027 के लिए ‘हाथ’ को करेंगे मजबूत

राजनैतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट की दौड़ में आदेश कुमार का नाम सबसे आगे है। युवा कांग्रेस के साथ सालों का अनुभव और प्रदेश महासचिव (अनुसूचित मोर्चा) के पद पर रहते हुए पूरे प्रदेश में बनाई गई अपनी पकड़ के दम पर वे झबरेड़ा में कांग्रेस के लिए ‘तुरुप का इक्का’ साबित हो सकते हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि आदेश कुमार जैसे शिक्षित और बेदाग छवि वाले युवा चेहरे को मैदान में उतारकर पार्टी झबरेड़ा सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर सकती है।

 

संघर्षों से बना ‘मार्शल’ का व्यक्तित्व

2009 में लिब्बरहेडी से शुरू हुआ सफर अब एक बड़े मुकाम पर है। युवा कांग्रेस में निर्वाचित अध्यक्षों की हैट्रिक लगाने वाले आदेश कुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सरकार में निर्माण सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में प्रशासनिक अनुभव बटोरने वाले आदेश कुमार आज बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज तैयार कर रहे हैं। उनका मानना है कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने का जरिया है।

झबरेड़ा की जनता अब एक ऐसे प्रतिनिधि की तलाश में है जो उनके बीच का हो, उनकी भाषा बोलता हो और उनके दुख-दर्द को समझता हो। आदेश कुमार की बढ़ती सक्रियता और 2027 की तैयारी ने यह साफ कर दिया है कि इस बार झबरेड़ा का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है।

 

सहारनपुर। आगामी ईद-उल-फितर के पर्व को देखते हुए शहर काजी नदीम अख्तर, जामा मस्जिद प्रबंधक मौलवी फरीद और पार्षद मंसूर बदर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह और नगर आयुक्त शिपू गिरि से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं का अंबार उनके सामने रखा। शहर काजी ने ईदगाह की दीवार के पास नाले से गंदा पानी अंदर आने की गंभीर समस्या बताते हुए वहां आरसीसी निर्माण और नियमित सफाई की मांग की, जिस पर नगर आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पार्षद व कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर ने थाना कुतुबशेर से खाता खेड़ी तक मुख्य मार्ग पर तिरंगा लाइटें लगवाने और वार्डों की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का सुझाव दिया, जबकि जामा मस्जिद प्रबंधक ने सीवर लाइन की सफाई का मुद्दा उठाया। नगर आयुक्त शिपू गिरि ने निर्माण, स्वास्थ्य, जल और लाइट विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि ईद से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं ताकि नमाजियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्षद समीर अंसारी, रईस पप्पू, सईद सिद्दीकी और ईदगाह मैनेजर शाहिद जुबैरी सहित बड़ी संख्या में पार्षदों और मदरसा मज़ाहिर उलूम के प्रतिनिधियों ने शिरकत कर अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के निस्तारण की मांग की।