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विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद भ्रमण के दौरान प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ शाकम्भरी देवी मंदिर परिसर पहुँचकर आगामी चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मंदिर के प्रवेश द्वार और निर्माणाधीन पर्यटन सुविधा केंद्र पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 19 मार्च से शुरू होने वाले इस पावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीसीटीवी की निगरानी और एंटी रोमियो स्क्वाड रहेगा तैनात

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में होना चाहिए। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों व कार्मिकों को श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील व सहयोगी व्यवहार अपनाने की हिदायत दी।

मेले को प्लास्टिक मुक्त और सुविधाओं से लैस बनाने पर जोर

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा जाए।
  • स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शौचालय और गुणवत्तापूर्ण भोजन व प्रसाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
  • मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।
  • पार्किंग की दरें पहले से निर्धारित हों ताकि अवैध वसूली पर लगाम लगे।
  • ई-रिक्शा चालकों और दुकानदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। 

 

योजनाओं का प्रचार और निर्बाध बिजली

मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के मजबूत इंतजामों के साथ-साथ एलईडी वाहनों और होर्डिंग्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग को भी मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में ये रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और डीआईजी अभिषेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक मुकेश चौधरी, देवेन्द्र निम, किरत सिंह, राजीव गुम्बर, एडीजी भानु भास्कर, सीडीओ सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात सागर जैन सहित जनपद के तमाम आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि

उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – नवीन कुमार ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों में अभी वक्त है, लेकिन झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश प्रभारी आदेश कुमार ने गांव नगला कुबड़ा का तूफानी दौरा किया। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों से जिस तरह का समर्थन आदेश कुमार को मिला, उसने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

“अपना क्षेत्रीय लाल, सुख-दुख का साथी”

नगला कुबड़ा पहुंचे बसपा प्रदेश प्रभारी का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। जनसंवाद के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि आदेश कुमार नन्हेड़ा अनंतपुर के निवासी होने के नाते हमारे अपने क्षेत्रीय नेता हैं। ग्रामीणों ने कहा, “आदेश कुमार केवल चुनाव के समय नजर आने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हमारे सुख-दुख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। अगर 2027 में वे झबरेड़ा से चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो क्षेत्र का एक बड़ा वर्ग उनके साथ मजबूती से खड़ा होगा।”

आदेश कुमार की हुंकार: “मान-सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी”

ग्रामीणों के बीच बैठे बसपा नेता आदेश कुमार ने बड़े ही सरल अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद राजनीति के जरिए सिर्फ सत्ता पाना नहीं, बल्कि झबरेड़ा के हर उस व्यक्ति की आवाज बनना है जिसका हक मारा जा रहा है। उन्होंने विपक्षियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार हैं और गांव-गांव जाकर जनता को जगाने का काम कर रहे हैं।

बढ़ती लोकप्रियता से विरोधियों की बढ़ी चिंता

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि आदेश कुमार किस तरह खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ चर्चा कर रहे हैं और लोगों से हाथ मिलाकर उनका हाल जान रहे हैं। उनकी इस सादगी और जमीनी पकड़ ने झबरेड़ा के अन्य दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिस तरह से वे अभी से मैदान में उतर चुके हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में झबरेड़ा की चुनावी जंग बेहद रोचक और कांटे की होने वाली है।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। हरिद्वार पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा थानों की कार्यप्रणाली को पटरी पर रखने का अभियान जारी है। इसी क्रम में शनिवार को एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मंगलौर सीओ अभिनव कुमार के साथ झबरेड़ा थाने का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने जहां थाने की साफ-सफाई पर संतोष जताया, वहीं लंबित मामलों (पेंडेंसी) को लेकर पुलिसकर्मियों की क्लास भी लगाई।

पुलिसिंग में सुधार और व्यवहार पर जोर

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि थाने की चौखट पर आने वाले हर फरियादी के साथ पुलिस का व्यवहार मधुर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों की शिकायतों को न केवल धैर्य से सुना जाए, बल्कि उनका त्वरित निस्तारण कर उन्हें न्याय का अहसास कराया जाए। उन्होंने कहा, “पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है।”

पुलिसकर्मियों को दी गई ‘हाईटेक’ ट्रेनिंग

निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नई क्राइम किट, फिंगरप्रिंट तकनीक और नारकोटिक्स किट के इस्तेमाल का डेमो दिया गया। एसपी देहात ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाना बेहद जरूरी है, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिले।

इन बिंदुओं पर रहा फोकस:

  • मालखाना व शस्त्रागार: हथियारों के रखरखाव और पुराने माल के निस्तारण की स्थिति जांची गई।
  • रसोई कक्ष की सराहना: थाना अध्यक्ष अजय शाह द्वारा अपने स्तर से बनवाए गए नए रसोई और डाइनिंग एरिया की एसपी ने जमकर तारीफ की।
  • पेंडेंसी पर सख्ती: जिन विवेचनाओं में देरी हो रही है, उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।

इस मौके पर थाना अध्यक्ष अजय शाह, लखनौता चौकी प्रभारी रोहित, इकबालपुर चौकी प्रभारी, एसआई रविन्द्र सिंह, एसआई जय सिंह राणा सहित थाने का समस्त स्टाफ मुस्तैद रहा।

 

मंगलौर। जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फैक्ट्री में चोरी की घटना का चंद समय में अनावरण करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी किया गया कीमती सामान भी बरामद कर लिया गया है।

क्या था मामला?

गायत्री एंक्लेव निवासी निशांत पुत्र अवनीश ने कोतवाली मंगलौर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके चाचा की फैक्ट्री से अज्ञात चोरों ने सामान पार कर दिया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अंकित पाल नामक व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की थी।

दबिश के दौरान पकड़ा गया आरोपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी क्रम में दिनांक 13.03.2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से चोरी की गई मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए।

बरामदगी का विवरण:

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • 01 मिक्सिंग मशीन
  • 02 लोहे के कवर
  • रबर व अन्य सहायक सामान

आरोपी की पहचान:

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित पाल पुत्र रमेश, निवासी होटल पैसिफिक के पीछे, थाना कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:

इस सफल कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • अपर उपनिरीक्षक: हरिमोहन
  • कांस्टेबल: सुधीर
  • कांस्टेबल: विनोद

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार । उत्तराखंड पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ एक बार फिर मासूम चेहरों पर मुस्कान लाने में कामयाब रहा है। ताज़ा मामले में हरिद्वार पुलिस की टीम ने दो साल से लापता एक 8 वर्षीय बालक को ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया, जिसके बाद मां की ममता और परिवार की आस जीत गई।

मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा है विशेष अभियान

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, 18 फरवरी 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक गुमशुदा बच्चों के पुनर्वास के लिए ‘ऑपरेशन स्माइल’ चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार, नवनीत सिंह (IPS) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक (अपराध) सुश्री निशा यादव के पर्यवेक्षण में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

रामपुर के बालगृह में मिला मासूम

कोतवाली नगर हरिद्वार में वर्ष 2024 में दर्ज (FIR संख्या 824/2024) एक 8 वर्षीय बालक की गुमशुदगी के मामले में AHTU टीम लगातार सुराग जुटा रही थी। छानबीन के दौरान टीम उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित राजकीय बालगृह पहुंची। वहां एक बालक मिला जिसकी पहचान हरिद्वार से लापता बच्चे के रूप में हुई।

हरियाणा में मिले परिजन, गोंडा का है परिवार

बच्चे की पहचान होने के बाद परिजनों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी। रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और तकनीकी व अन्य माध्यमों से पता लगाया कि परिवार वर्तमान में कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में मजदूरी कर रहा है। मूल रूप से यह परिवार ग्राम पायर खास, जनपद गोंडा (उ.प्र.) का निवासी है।

भावुक कर देने वाला मिलन

बाल कल्याण समिति रामपुर (U.P.) के समक्ष उचित काउंसलिंग के बाद बालक को उसकी माता श्रीमती पूजा को सौंप दिया गया।

“दो साल बाद अपने जिगर के टुकड़े को सामने पाकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने नम आंखों से उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनके उजड़े संसार में दोबारा रोशनी भर दी है।”

सराहनीय कार्य करने वाली ‘ऑपरेशन स्माइल’ टीम:

इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • निरीक्षक: वीरेन्द्र सिंह रमोला
  • उप-निरीक्षक: देवेंद्र यादव
  • हेड कांस्टेबल: राकेश कुमार
  • कांस्टेबल: मुकेश कुमार, दीपक चंद
  • महिला कांस्टेबल: गीता, शशिबाला

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार। जिला सेवायोजन कार्यालय जगजीतपुर में शुक्रवार को आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में क्षेत्र के युवाओं ने भारी उत्साह दिखाया। जिला सेवायोजन अधिकारी मुकेश रयाल के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में सिडकुल की नामी कंपनियों—महिंद्रा एंड महिंद्रा, किरबी, गिन्नी फिलामेंट्स और प्रिंस पाइप एंड फिटिंग लिमिटेड ने शिरकत की। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस मेले में लगभग 120 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिसके बाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लिए। कड़ी चयन प्रक्रिया के उपरांत 61 प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इस अवसर पर मुकेश रयाल ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है और भविष्य में भी ऐसे मेलों का आयोजन जारी रहेगा ताकि निजी क्षेत्र में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन ने घाटों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसके तहत शुक्रवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने निर्माणाधीन शहीद भगत सिंह घाट और नगर निगम घाट का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति जांची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि 31 अक्टूबर तक सभी लक्ष्य पूर्ण हो सकें। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल ने अवगत कराया कि वर्तमान में 365 मीटर लंबे शहीद भगत सिंह घाट और 270 मीटर लंबे नगर निगम घाट पर कार्य जारी है, जबकि अमरापुर और ऋषिकुल क्षेत्र के घाटों का निर्माण भी एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए अपर मेलाधिकारी ने निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित रखने और वन विभाग के समन्वय से क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के तहत हटाए गए पेड़ों के बदले दस गुना अधिक पौधे रोपित करने के निर्देश दिए। जलमग्न हिस्सों का निर्माण गंगनहर क्लोजर के दौरान पूरा किया जाएगा, जिससे आगामी कुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान की सुविधा मिल सके।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने शुक्रवार को थाना सिडकुल का वार्षिक निरीक्षण किया। सलामी के साथ शुरू हुए इस मुआयने के दौरान कप्तान ने थाने के एक-एक कोने और अभिलेखों की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों के रखरखाव में मिली कमियों पर एसएसपी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थानाध्यक्ष को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

अधूरे रजिस्टर देख अधिकारियों को लगाई फटकार

एसएसपी ने जब कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन किया, तो पाया कि कई डेटा अपडेट नहीं थे। विशेषकर ‘त्योहार रजिस्टर’ में कई क्षेत्रों की प्रविष्टियां अधूरी मिलीं। इस पर कप्तान ने क्षेत्राधिकारी (CO) सदर को अपने पर्यवेक्षण में इसे पूर्ण कराने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यलेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।

शस्त्र अभ्यास और सरकारी संपत्ति का सदुपयोग

मालखाना और शस्त्रागार के निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने माल के रखरखाव पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • थाने में रखी सरकारी संपत्ति का सदुपयोग हो, ताकि सामान रखे-रखे खराब न हो।
  • हर तीन महीने में पुलिस लाइन आर्मरी से शस्त्रों का मिलान और सफाई कराई जाए।
  • थाना स्तर पर प्रत्येक सप्ताह एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में सभी कर्मियों को ‘वेपन हैंडलिंग’ (शस्त्र चलाने) का अभ्यास अनिवार्य रूप से कराया जाए।

फरियादियों से ‘तू-तड़ाक’ नहीं, नम्रता से करें बात

निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के साथ सम्मेलन किया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और व्यवहार में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा, “थाने पर आने वाला हर फरियादी मुसीबत में होता है। पुलिस का व्यवहार उनके प्रति नम्र होना चाहिए। उनकी फरियाद सुनकर विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरान एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय कुमार, सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एक और बड़ी पहल की है। परिवहन विभाग के सहयोग से अब जनपद के सभी सरकारी और निजी वाहनों में डस्टबिन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

वाहन चालकों को बांटे गए डस्टबिन

अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में मौजूद सरकारी वाहनों के चालकों को डस्टबिन उपलब्ध कराए। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) को निर्देश दिए कि न केवल सरकारी, बल्कि सभी निजी और कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों में भी डस्टबिन लगवाना सुनिश्चित करें। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों द्वारा चलती गाड़ियों से सड़क पर कूड़ा फेंकने की आदत पर लगाम लगाना है।

स्वच्छता को बनाना होगा सामूहिक जिम्मेदारी

एआरटीओ नेहा झा ने बताया कि इस पहल के तहत प्रथम चरण में सभी सरकारी वाहनों को कवर किया जा रहा है। साथ ही निजी वाहन स्वामियों से भी अपील की जा रही है कि वे अपनी गाड़ियों में डस्टबिन रखें। परिवहन विभाग का मानना है कि यदि कूड़ा गाड़ी के अंदर रखे डस्टबिन में जमा होगा, तो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी कम होगी।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा, “स्वच्छ हरिद्वार केवल प्रशासन का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बना लेगा, तभी ‘हरिद्वार स्वच्छ हो अपना’ का संकल्प पूरा होगा।”

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

शुभारंभ के अवसर पर एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, परिवहन कर अधिकारी वरना सैनी, पुनीत नागर और परिवहन विभाग की टीम मौजूद रही।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत और ऑनलाइन बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट आदेश दिए कि जनपद में कहीं भी गैस की ‘ब्लैकिंग’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए हर गैस एजेंसी पर नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

ऑनलाइन सिस्टम फेल, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद की 42 गैस एजेंसियों में स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम बाधित होने और ओटीपी (OTP) न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को बुकिंग में परेशानी हो रही है। इसी वजह से गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। प्रशासन अब इस समस्या का वैकल्पिक समाधान निकालने में जुटा है।

एसडीएम और बीडीओ करेंगे सीधी मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) और खंड विकास अधिकारियों (BDO) को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि:

  • सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों की एजेंसियों की नियमित जांच करें।
  • निर्धारित दर से अधिक वसूली या कालाबाजारी मिलने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
  • नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वितरण प्रणाली में कोई गड़बड़ी न हो।
  • शिकायत के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

डीएम ने जनता से अपील की है कि यदि कोई एजेंसी सिलेंडर देने में आनाकानी करे या अधिक पैसे मांगे, तो तुरंत प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं:

📞 कंट्रोल रूम: 01334-239444

☎️ टोल फ्री: 01334-1077

📱 मोबाइल नंबर: 9068197350

बैठक में मौजूद अधिकारी

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, एसडीएम जितेंद्र कुमार और जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।