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मंगलौर

संवाददाता | मंगलौर

मंगलौर नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत लैंडौरा रोड पर कराए गए नाला मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरम्मत कार्य के दौरान कथित तौर पर पुरानी ईंटों के इस्तेमाल और विभागीय निगरानी के अभाव को लेकर जहां राहगीरों व स्थानीय नागरिकों में चर्चा बनी हुई है, वहीं अब मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब मामले की वस्तुस्थिति और विभाग का रुख जानने के लिए जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) उत्तम सिंह नेगी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

वहीं, तकनीकी देखरेख के लिए जिम्मेदार अवर अभियंता (जेई) सुभाष चंद्रा से भी कई बार संपर्क साधा गया, किंतु उन्होंने भी फोन का कोई उत्तर नहीं दिया। नाला मरम्मत जैसे बुनियादी सार्वजनिक कार्य पर उठ रहे सवालों के बीच दोनों प्रमुख अधिकारियों द्वारा कॉल का जवाब न दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि आखिर विभाग इस मामले में अपना पक्ष रखने से क्यों बच रहा है।

मरम्मत कार्य में पुरानी सामग्री के प्रयोग का आरोप गौरतलब है कि लैंडौरा रोड पर वरिष्ठ रालोद नेता के कार्यालय के समीप नाला मरम्मत का कार्य कराया गया था। उस दौरान मौके से गुजर रहे नागरिकों ने मरम्मत कार्य में नई सामग्री के बजाय पुरानी व उखड़ी ईंटों की चिनाई किए जाने पर आपत्ति जताई थी। जब कार्यस्थल पर मौजूद लोगों से तकमीना (एस्टीमेट) मांगा गया, तो कोई तकनीकी दस्तावेज नहीं दिखाया गया।

हालांकि, पूर्व में संपर्क करने पर जेई ने स्वयं स्वीकार किया था कि मरम्मत कार्य में भी पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और मौके पर जाकर जांच करने का भरोसा दिया था। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धरातल पर जांच या सुधार के बिना ही कार्य पूरा करा दिया गया।

जांच और जवाबदेही की मांग सरकारी धन से कराए जाने वाले मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का प्राथमिक दायित्व है। अधिकारियों द्वारा फोन न उठाए जाने और स्थिति स्पष्ट न किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मौके पर हुए नाला मरम्मत कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो सके।

(नोट: इस संबंध में नगर पालिका के ईओ और जेई का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

मंगलौर में नाला निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल: मौके पर पुरानी ईंटें लगने की चर्चा, जेई की निगरानी पर उठे सवा

शिकायत के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार; राहगीरों ने गुणवत्ता और निगरानी पर जताई नाराजगी, जांच की मांग

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

मंगलौर। लंढौरा रोड स्थित वरिष्ठ रालोद नेता उबेदुर्रहमान उर्फ मोंटी के कार्यालय के सामने नगरपालिका द्वारा कराया जा रहा नाला निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लेकिन काम के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर कस्बे के लोगों और राहगीरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

काम चलने के दौरान राहगीरों ने मौके पर रुककर देखा कि नाले की दीवार में नई ईंटों के साथ-साथ बड़ी तादाद में पुरानी व उखड़ी हुई ईंटें चिनी जा रही हैं। राहगीरों ने जब मौके पर काम कर रहे मजदूरों और ठेकेदार के आदमियों से कार्य का एस्टीमेट दिखाने को कहा, तो उन्होंने कोई तकनीकी कागज नहीं दिखाया और मनमाने तरीके से काम जारी रखा। राहगीरों का कहना है कि जब सरकारी बजट से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, तो फिर पुरानी ईंटें लगाकर खानापूर्ति क्यों की जा रही है।

हैरानी की बात यह रही कि इस संबंध में ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र की टीम द्वारा जब नगरपालिका के जेई सुभाष चंद्रा से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी गई, तो फोन पर जेई ने खुद स्वीकार किया कि मरम्मत कार्य में पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और उन्होंने मौके पर जाकर जांच करने की बात कही। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेई साहब का यह आश्वासन केवल फोन तक ही सीमित रह गया। मौके पर न तो कोई जिम्मेदार मुआयना करने पहुंचा और न ही गुणवत्ता की अनदेखी पर काम रुकवाया गया।

विभागीय अनदेखी का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा पुरानी ईंटों की चिनाई के साथ नाले का निर्माण कार्य पूरा भी करा दिया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते मौके पर पहुंच जाते, तो इस तरह पुरानी ईंटों का इस्तेमाल नहीं हो पाता। अब लोगों ने नगरपालिका के उच्चाधिकारियों व प्रशासन से मांग की है कि मौके पर हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो।

इस मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र के आगामी अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी।

​ग्रामीण तहकीकात / संपादक नवीन कुमार

​मंगलोर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मंगलौर में पैथोलॉजी लैब के संचालन और वहां तैनात आउटसोर्स लैब कर्मी के कथित रवैये को लेकर मरीजों एवं तीमारदारों में नाराजगी देखने को मिल रही है, जिस पर अब आधिकारिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने की तैयारी है। प्राप्त शिकायतों के अनुसार अस्पताल में आने वाले तीमारदारों ने आरोप लगाया है कि सुलभ जांच सेवाओं के संदर्भ में उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है और कुछ मामलों में मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर जाने जैसी स्थिति बनती है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और वस्तुस्थिति सामने लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य महकमे में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन दाखिल किया जा रहा है, जिसमें संबंधित आउटसोर्स कर्मी की शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता, राज्य पैरामेडिकल काउंसिल में अधिकृत पंजीकरण, आउटसोर्सिंग एजेंसी के वर्क ऑर्डर सहित रीजेंट्स किट के स्टॉक व दैनिक खपत रजिस्टर का आधिकारिक ब्योरा तलब किया गया है; सूत्रों का कहना है कि आरटीआई के तहत प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त होते ही व्यवस्था से जुड़े कई अहम तथ्यों से पर्दा उठना तय है, और इस पूरे प्रकरण से जुड़ी विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ समाचार पत्र के कल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी।

मंगलौर। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलौर गुड़ मंडी के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारी-भरकम प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) को पूरी तरह ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। दर्जनों फीट की ऊंचाई पर भारी लोहे के शटरिंग पैनल और गार्डर के बीच मजदूर बिना किसी बुनियादी जीवन-रक्षक उपकरण के काम करने को मजबूर हैं।

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तस्वीरें बयां कर रहीं लापरवाही का सच

निर्माण स्थल से सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ऊंचाई पर काम कर रहे श्रमिकों के सिर पर न तो सेफ्टी हेलमेट है और न ही उनके पास सेफ्टी हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) मौजूद है। क्रेन से भारी लोहे के ढांचे उठाए जा रहे हैं और उसी के ठीक नीचे बिना किसी रिफ्लेक्टिव जैकेट या सुरक्षा किट के मजदूर खड़े हैं। कार्यस्थल पर न तो सुरक्षा जाल (Safety Net) है और न ही कोई लाइफलाइन बंधी है। यदि काम के दौरान कोई तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की घटना होती है, तो बड़ा हादसा तय है।

​श्रम कानून और NHAI की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (BOCW) अधिनियम के कड़े दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी ऊंचाई वाले निर्माण स्थल पर बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE किट) के काम नहीं कराया जा सकता। इसके अलावा साइट पर प्रशिक्षित सेफ्टी ऑफिसर और थर्ड-पार्टी सुपरविजन कंसलटेंट (Independent Engineer) की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन मंगलौर गुड़ मंडी के पास चल रहे इस निर्माण कार्य को देखकर प्रतीत होता है कि ठेकेदार के लिए सुरक्षा मानकों का कोई वजूद नहीं है।

​नीचे दौड़ता ट्रैफिक, ऊपर मौत का खेल

हाईवे पर हर मिनट सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। नीचे दौड़ता ट्रैफिक और ऊपर हवा में बिना सुरक्षा काम करते मजदूर—यह दृश्य न केवल श्रमिकों बल्कि सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था सिर्फ काम को जल्दबाजी में निपटाने के चक्कर में मानवीय जीवन से खिलवाड़ कर रही है।

वहीं इस पूरे मामले में जब NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर सुमित कुमार से संपर्क कर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर उनका आधिकारिक पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने फोन पर कोई स्पष्ट उत्तर देने के बजाय कहा—“मिलते हैं, शाम को कैंप ऑफिस आ पाइएगा?” समाचार प्रतिनिधि द्वारा फोन पर ही आधिकारिक वर्जन देने का आग्रह करने के बावजूद खबर लिखे जाने तक उन्होंने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कोई लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

मंगलौर। कस्बे के एक निजी रेस्टोरेंट में नारसन ब्लॉक के ग्राम प्रधानों द्वारा मंगलौर प्रेस क्लब (रजि.) की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पदाधिकारियों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष अक्षय प्रधान के संयोजन एवं वरिष्ठ पत्रकार अमजद उस्मानी की अध्यक्षता में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रेस क्लब के महासचिव अनिल सैनी ने किया। इस दौरान उपस्थित पत्रकारों एवं अतिथियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मनोज शर्मा ने कहा कि पहले के दौर में साधन सीमित थे, लेकिन पत्रकारिता में जमीनी सरोकार, संवेदनशीलता और जवाबदेही बेहद गहरी हुआ करती थी, जिसे आज भी संजोए रखने की महती आवश्यकता है; वहीं अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार अमजद उस्मानी ने पुराने दौर के पत्रकारिता अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सिद्धांतों और निष्पक्षता से समझौता न करना ही कलम की वास्तविक शक्ति रही है। नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल सैनी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि आधुनिक सूचना क्रांति और डिजिटल युग की तेज रफ्तार के बीच सत्यता, विश्वसनीयता और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना आज की पत्रकारिता के लिए सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता है, जिसके लिए मंगलौर प्रेस क्लब पूरी निष्ठा के साथ पत्रकारों के हितों व जनहित की आवाज को मजबूती देगा। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार देशराज पाल, वरिष्ठ पत्रकार अनिल त्यागी, वरिष्ठ भाजपा नेता सूर्यवीर मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम गोर, उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव नवीन कुमार, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर, संगठन मंत्री रोहित राणा, प्रवक्ता अनुज सैनी, सदस्य अश्वनी सैनी, सदस्य फरमान अंसारी सहित अलीम प्रधान और मुकेश सैनी प्रधान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

ग्रामीण तहकीकात/ नवीन कुमार 

लक्सर। सामाजिक न्याय पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्ययोजना को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई; बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पार्टी का विस्तार करने के साथ-साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित, शोषित और जरूरतमंद परिवारों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना रहा; बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय पार्टी का मुख्य ध्येय केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि समाज में उन निर्धन और उपेक्षित वर्गों की आवाज बनना है जो आज भी अपने बुनियादी अधिकारों, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पुनीत कश्यप ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है, इसलिए पार्टी का संकल्प है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों के अभाव में कोई भी बच्चा स्कूल या उच्च शिक्षा से वंचित न रहे; उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों का युवा वर्ग बेरोजगारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में जूझ रहा है, ऐसे में पार्टी युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार कर रही है; उन्होंने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से सीधा आह्वान किया कि वे हर गांव, मोहल्ले और बूथ स्तर पर जाकर आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करें, उनकी बुनियादी समस्याओं को समझें और संगठन की जनहितकारी नीतियों से उन्हें अवगत कराएं।

बैठक में हरिद्वार जनपद के मैदानी क्षेत्र की चार प्रमुख विधानसभाओं— लक्सर, खानपुर, मंगलौर और भगवानपुर पर विशेष फोकस रखने का निर्णय लिया गया; पुनीत कश्यप ने बताया कि इन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर संगठन की इकाइयां गठित कर युवाओं और महिलाओं को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है; उन्होंने विश्वास जताया कि जनहित के वास्तविक मुद्दों, शिक्षा और रोजगार के संकल्प के साथ सामाजिक न्याय पार्टी आने वाले समय में क्षेत्र की जनता के सामने एक मजबूत और सकारात्मक सामाजिक-राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित होगी; इस अवसर पर पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन विस्तार की इस मुहिम को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

मंगलौर। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने तथा परिजनों को जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है; पुलिस के अनुसार मंगलौर निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, साथ ही आरोपी के अन्य परिजनों द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई; पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया; मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर द्वारा तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया; गठित टीम ने सुरागरसी-पतारसी और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, जिसके फलस्वरूप मुकदमे से जुड़े मुख्य आरोपी सायन पुत्र तनवीर निवासी मोहल्ला किला, मंगलौर, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की; पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नितिन बिष्ट, कांस्टेबल मनदीप नेगी और पीआरडी जवान जितेंद्र शामिल रहे; पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

• रालोद नेता उबैदुर्रहमान मोंटी की निरंतर पैरवी रंग लाई; स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया की तेज, बोले— जनता जानती है किसने किया धरातल पर कार्य और कौन कर रहा श्रेय की राजनीति

ग्रामीण तहकीकात नवीन कुमार 

मंगलौर। क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर-चंदनपुर में लंबे समय से संचालन की प्रतीक्षा कर रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को आरंभ कराने की दिशा में रालोद नेता उबैदुर्रहमान उर्फ मोंटी के निरंतर प्रयासों को बड़ी सफलता मिलती दिखाई दे रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सालय में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सहित संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने से क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह है और ग्रामीणों को शीघ्र बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात मिलने जा रही है।

इस संबंध में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में रालोद नेता उबैदुर्रहमान उर्फ मोंटी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भगवानपुर-चंदनपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना उनके स्वर्गीय पिता व पूर्व विधायक स्व. सरवत करीम अंसारी का सपना था। वर्ष 2012 से 2017 के कार्यकाल के दौरान उनके अथक प्रयासों से ही इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति मिली थी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सहयोग से भव्य भवन का निर्माण पूरा हो सका था।

मोंटी ने कहा कि भवन निर्माण के उपरांत तकनीकी कारणों से संचालन अधर में लटका हुआ था, जिसे शुरू कराने के लिए उन्होंने जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वयं पूरी ताकत झोंक दी। वे लगातार शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों के संपर्क में रहे, पत्राचार किया और व्यक्तिगत रूप से मिलकर जनसमस्या को मजबूती से उठाया। उनके इन्हीं समर्पित प्रयासों और दबाव का परिणाम है कि स्वास्थ्य विभाग ने मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए पद सृजन व संचालन की कार्यवाही को गति दे दी है।

पत्रकार वार्ता के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के कार्य का श्रेय लेने की होड़ पर पूछे गए प्रश्न पर मोंटी ने दो टूक शब्दों में कहा कि क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता सब देख रही है। जनता भली-भांति जानती है कि धरातल पर पसीना किसने बहाया है और चुनाव नजदीक आते ही केवल श्रेय की राजनीति करने कौन सामने आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति केवल जनता की सेवा और स्व. पिता के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने तक सीमित है, न कि झूठी वाहवाही लूटने के लिए।

मोंटी की इस सक्रिय पहल से भगवानपुर-चंदनपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी बीमारियों व प्राथमिक उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्थानीय लोगों व समर्थकों ने मोंटी के इस जनहितैषी प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है। विभाग द्वारा औपचारिक पदस्थापना पूर्ण होते ही इस केंद्र का विधिवत लाभ आमजन को मिलने लगेगा।

ग्रामीण तहकीकात 

मंगलौर। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने घर से नाराज होकर लापता हुई दो नाबालिग बालिकाओं को अथक प्रयासों के बाद जम्मू-कश्मीर के कटरा से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है; बच्चियों को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया;

पुलिस के अनुसार 25 अगस्त को मंगलौर निवासी शरीफ ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री और उसकी 16 वर्षीय सहेली 24 अगस्त को स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं; पुलिस ने तत्काल अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया; मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मंगलौर भगवान सिंह मेहर ने उप-निरीक्षक नितिन बिष्ट के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की;

गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली और दिल्ली के बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों व धर्मशालाओं के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली; इस दौरान लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस को चंडीगढ़ होते हुए जम्मू-कश्मीर का सुराग मिला; इसके बाद मंगलौर पुलिस टीम ने कटरा (जम्मू-कश्मीर) में डेरा डालकर लगातार खोजबीन की और दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर लिया; पूछताछ में सामने आया कि दोनों लड़कियां घरेलू बात पर नाराज होकर घर से निकल गई थीं; पुलिस टीम में उप-निरीक्षक नितिन बिष्ट, कांस्टेबल उत्तम, कांस्टेबल विनोद तथा सीआईयू रुड़की से कांस्टेबल महिपाल शामिल रहे।

ग्रामीण तहकीकात 

मंगलौर। प्रेम प्रसंग के विरोध से खफा होकर कलयुगी बेटी ने प्रेमी संग मिलकर अपनी ही मां की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी और शव को मंगलौर नहर पुल के पास फेंक दिया। मामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी मृतका सरिता के रूप में होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की; मृतका अपनी नाबालिग बेटी के प्रेम प्रसंग और शादी की जिद के खिलाफ थी, जिससे रंजिश रखते हुए बेटी ने अपने प्रेमी निवासी पल्लवपुरम, मेरठ के साथ मिलकर मां को मंदिर व हरिद्वार घुमाने के बहाने ब्रेजा कार (UP14EZ-5346) में बैठाया और चलती गाड़ी में चाकू से गला काटकर हत्या कर शव फेंक दिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पुलिस, सीआईयू और सर्विलांस की टीमों ने करीब 216 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और मुखबिर तंत्र की मदद से लक्सर रोड पर घेराबंदी कर 28 घंटे के भीतर दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया, साथ ही उनकी निशानदेही पर खून के छींटों से युक्त ब्रेजा कार और वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया है; इस ब्लाइंड मर्डर के सफल खुलासे में सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी, प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह मान, उपनिरीक्षक जगमोहन रमोला, उपनिरीक्षक अशोक सिरसवाल, उपनिरीक्षक नितिन बिष्ट, उपनिरीक्षक बलकान्त रतूड़ी, महिला उपनिरीक्षक नीलम, हेड कांस्टेबल शूरवीर, कांस्टेबल रणवीर चौहान, कांस्टेबल मनीष, महिला कांस्टेबल अंजू, महिला कांस्टेबल मधु सहित सीआईयू टीम रुड़की और फोरेंसिक टीम शामिल रही।