
मंगलौर। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलौर गुड़ मंडी के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारी-भरकम प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) को पूरी तरह ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। दर्जनों फीट की ऊंचाई पर भारी लोहे के शटरिंग पैनल और गार्डर के बीच मजदूर बिना किसी बुनियादी जीवन-रक्षक उपकरण के काम करने को मजबूर हैं।

तस्वीरें बयां कर रहीं लापरवाही का सच
निर्माण स्थल से सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ऊंचाई पर काम कर रहे श्रमिकों के सिर पर न तो सेफ्टी हेलमेट है और न ही उनके पास सेफ्टी हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) मौजूद है। क्रेन से भारी लोहे के ढांचे उठाए जा रहे हैं और उसी के ठीक नीचे बिना किसी रिफ्लेक्टिव जैकेट या सुरक्षा किट के मजदूर खड़े हैं। कार्यस्थल पर न तो सुरक्षा जाल (Safety Net) है और न ही कोई लाइफलाइन बंधी है। यदि काम के दौरान कोई तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की घटना होती है, तो बड़ा हादसा तय है।

श्रम कानून और NHAI की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (BOCW) अधिनियम के कड़े दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी ऊंचाई वाले निर्माण स्थल पर बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE किट) के काम नहीं कराया जा सकता। इसके अलावा साइट पर प्रशिक्षित सेफ्टी ऑफिसर और थर्ड-पार्टी सुपरविजन कंसलटेंट (Independent Engineer) की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन मंगलौर गुड़ मंडी के पास चल रहे इस निर्माण कार्य को देखकर प्रतीत होता है कि ठेकेदार के लिए सुरक्षा मानकों का कोई वजूद नहीं है।

नीचे दौड़ता ट्रैफिक, ऊपर मौत का खेल
हाईवे पर हर मिनट सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। नीचे दौड़ता ट्रैफिक और ऊपर हवा में बिना सुरक्षा काम करते मजदूर—यह दृश्य न केवल श्रमिकों बल्कि सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था सिर्फ काम को जल्दबाजी में निपटाने के चक्कर में मानवीय जीवन से खिलवाड़ कर रही है।
वहीं इस पूरे मामले में जब NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर सुमित कुमार से संपर्क कर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर उनका आधिकारिक पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने फोन पर कोई स्पष्ट उत्तर देने के बजाय कहा—“मिलते हैं, शाम को कैंप ऑफिस आ पाइएगा?” समाचार प्रतिनिधि द्वारा फोन पर ही आधिकारिक वर्जन देने का आग्रह करने के बावजूद खबर लिखे जाने तक उन्होंने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कोई लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।
