संवाददाता | मंगलौर
मंगलौर नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत लैंडौरा रोड पर कराए गए नाला मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरम्मत कार्य के दौरान कथित तौर पर पुरानी ईंटों के इस्तेमाल और विभागीय निगरानी के अभाव को लेकर जहां राहगीरों व स्थानीय नागरिकों में चर्चा बनी हुई है, वहीं अब मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब मामले की वस्तुस्थिति और विभाग का रुख जानने के लिए जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) उत्तम सिंह नेगी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वहीं, तकनीकी देखरेख के लिए जिम्मेदार अवर अभियंता (जेई) सुभाष चंद्रा से भी कई बार संपर्क साधा गया, किंतु उन्होंने भी फोन का कोई उत्तर नहीं दिया। नाला मरम्मत जैसे बुनियादी सार्वजनिक कार्य पर उठ रहे सवालों के बीच दोनों प्रमुख अधिकारियों द्वारा कॉल का जवाब न दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि आखिर विभाग इस मामले में अपना पक्ष रखने से क्यों बच रहा है।
मरम्मत कार्य में पुरानी सामग्री के प्रयोग का आरोप गौरतलब है कि लैंडौरा रोड पर वरिष्ठ रालोद नेता के कार्यालय के समीप नाला मरम्मत का कार्य कराया गया था। उस दौरान मौके से गुजर रहे नागरिकों ने मरम्मत कार्य में नई सामग्री के बजाय पुरानी व उखड़ी ईंटों की चिनाई किए जाने पर आपत्ति जताई थी। जब कार्यस्थल पर मौजूद लोगों से तकमीना (एस्टीमेट) मांगा गया, तो कोई तकनीकी दस्तावेज नहीं दिखाया गया।
हालांकि, पूर्व में संपर्क करने पर जेई ने स्वयं स्वीकार किया था कि मरम्मत कार्य में भी पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और मौके पर जाकर जांच करने का भरोसा दिया था। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धरातल पर जांच या सुधार के बिना ही कार्य पूरा करा दिया गया।
जांच और जवाबदेही की मांग सरकारी धन से कराए जाने वाले मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का प्राथमिक दायित्व है। अधिकारियों द्वारा फोन न उठाए जाने और स्थिति स्पष्ट न किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मौके पर हुए नाला मरम्मत कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो सके।
(नोट: इस संबंध में नगर पालिका के ईओ और जेई का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)










