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रुड़की

• आईआईटी मद्रास, बॉम्बे, दिल्ली समेत देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों के विशेषज्ञ जुटे

• ग्रामीण कारीगरों व किसानों के लिए टिकाऊ मॉडल पर मंथन

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) में ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह (RuTAG 2.0) की दो दिवसीय तीसरी वार्षिक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक का विधिवत शुभारंभ हुआ; बैठक का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में विकसित हो रहे उन्नत अनुसंधान को सीधे जमीनी स्तर पर उतारकर ग्रामीण समुदायों, किसानों और स्थानीय कारीगरों के जीवन में व्यावहारिक व टिकाऊ बदलाव लाना है; उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने दो-टूक कहा कि ग्रामीण प्रौद्योगिकी का वास्तविक प्रभाव तभी संभव है जब वह वैज्ञानिक नवाचार से आगे बढ़कर वहनीयता, अनुकूलनशीलता और बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की क्षमता प्रदर्शित करे; उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अनुसंधान केवल फाइलों तक सीमित न रहकर ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर स्थानीय उद्यम मॉडलों को जन्म दे;

इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनई ने शैक्षणिक अनुसंधान और धरातलीय क्रियान्वयन के बीच निर्बाध जुड़ाव की आवश्यकता जताई; उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नवाचार की सफलता अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति पर उसके पड़ने वाले ठोस प्रभाव से तय होती है, जिसके लिए निरंतर फीडबैक और मानकीकृत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रोटोकॉल बेहद जरूरी हैं; वहीं आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी तभी सार्थक बनती है जब वह किसानों और शिल्पकारों की वास्तविक जमीनी जरूरतों के अनुरूप हो; उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, सरकार, उद्योगों और एनजीओ के साझा सहयोग से इस मिशन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया;

बैठक में आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, ICAR-NAARM हैदराबाद तथा SKUAST कश्मीर के RuTAG केंद्रों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं; पहले दिन की चर्चाओं में तकनीकी हस्तांतरण की बाधाओं को दूर करने और ग्रामीण भारत के सतत विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने पर व्यापक मंथन हुआ; इस दौरान आईआईटी रुड़की के डीन (SRIC) प्रो. विवेक मलिक, RuTAG के पीआई प्रो. एस. के. सिंगल तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के सलाहकार डॉ. राकेश कौर सहित देश भर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 

ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र (संपादक नवीन कुमार)

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के वार्षिक दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हुए एनएसए डोभाल ने विश्वास जताया कि आने वाले दो दशकों में भारत की जीडीपी 4,015 अरब डॉलर से छलांग लगाकर 38,000 अरब डॉलर (38 ट्रिलियन डॉलर) के स्तर को छू लेगी।

सभागार में मौजूद उपाधि धारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर की साक्षी बन रही है, जहां असीम संभावनाएं उनका इंतजार कर रही हैं। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को जीवन के हर मोड़ पर निडर और साहसी बने रहने का संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर संस्थान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को देश सेवा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए मानद उपाधि (ऑनोरिस कौसा) से विभूषित किया।

पहले दिन 1,277 स्नातकों को मिली उपाधि, टूटा रिकॉर्ड

दो दिवसीय आयोजन के शुरुआती दिन मुख्य रूप से अंडरग्रेजुएट स्तर के 1,277 विद्यार्थियों को उपाधियां बांटी गईं, जिनमें 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल रहीं। इनमें बी.टेक, बी.आर्क, बीएस-एमएस और एकीकृत एम.टेक सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल थे। संस्थान के इतिहास में पहली बार पांच वर्षीय बीएस-एमएस ड्युअल डिग्री भी प्रदान की गई। केमिकल साइंसेज के छात्र श्रीवरदन बालाजी को बीटेक/बीएस समूह में सर्वश्रेष्ठ सीजीपीए अर्जित करने पर प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल’ से नवाजा गया।

आईआईटी रुड़की इस वर्ष अपने इतिहास में सर्वाधिक कुल 2,701 डिग्रियां वितरित कर नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। दूसरे दिन यानी 20 सितंबर को 1,424 पीजी और पीएचडी शोधार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी।

सीडीएस और हरीश साल्वे ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और आधुनिक चुनौतियों से निपटने में युवाओं की तकनीकी दक्षता और शोध क्षमताएं सबसे अहम कड़ी हैं।

आईआईटी रुड़की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों के अनुशासन और संस्थान की गौरवशाली विरासत की सराहना की। वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने सभी उपाधि धारकों को बधाई देते हुए कहा कि आईआईटी रुड़की केवल तकनीकी विशेषज्ञ नहीं, बल्कि गंभीर सोच और नवाचार के दम पर वैश्विक समस्याओं को हल करने वाले नेतृत्वकर्ता तैयार करता है। उपाधि प्राप्त करने के बाद परिसर में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच खासा उत्साह देखा गया।

​ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

​रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) का वार्षिक दीक्षांत समारोह 19 और 20 सितंबर को संस्थान परिसर में आयोजित किया जाएगा; जिसमें कुल 2,701 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी; संस्थान के जेम्स थॉमसन बिल्डिंग स्थित सीनेट हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की; उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता पूर्व सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे करेंगे।

​निदेशक प्रो. के.के. पंत ने बताया कि समारोह का पहला दिन (19 सितंबर) स्नातक (यूजी) विद्यार्थियों को समर्पित रहेगा, जिसमें देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित कुमार डोभाल मुख्य अतिथि तथा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) एवं सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे; वहीं समारोह के दूसरे दिन (20 सितंबर) स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी; इस सत्र के मुख्य अतिथि हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन चितले और विशिष्ट अतिथि ऑयलमैक्स एनर्जी के संस्थापक व प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग रहेंगे।

​निदेशक ने कहा कि यह अवसर केवल उपाधियां प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के नवाचार, शोध और समाज सेवा के प्रति समर्पण का उत्सव है; इस दौरान उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार एवं डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एन.के. नवानी ने भी अपने विचार रखे और विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की; उन्होंने जानकारी दी कि जो लोग व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए संस्थान के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा; प्रेस वार्ता के अंत में कार्यक्रम से संबंधित एक प्रचार वीडियो भी जारी किया गया।

ग्रामीण तहकीकात/ नवीन कुमार 

लक्सर। सामाजिक न्याय पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्ययोजना को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई; बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पार्टी का विस्तार करने के साथ-साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित, शोषित और जरूरतमंद परिवारों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना रहा; बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय पार्टी का मुख्य ध्येय केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि समाज में उन निर्धन और उपेक्षित वर्गों की आवाज बनना है जो आज भी अपने बुनियादी अधिकारों, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पुनीत कश्यप ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है, इसलिए पार्टी का संकल्प है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों के अभाव में कोई भी बच्चा स्कूल या उच्च शिक्षा से वंचित न रहे; उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों का युवा वर्ग बेरोजगारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में जूझ रहा है, ऐसे में पार्टी युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार कर रही है; उन्होंने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से सीधा आह्वान किया कि वे हर गांव, मोहल्ले और बूथ स्तर पर जाकर आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करें, उनकी बुनियादी समस्याओं को समझें और संगठन की जनहितकारी नीतियों से उन्हें अवगत कराएं।

बैठक में हरिद्वार जनपद के मैदानी क्षेत्र की चार प्रमुख विधानसभाओं— लक्सर, खानपुर, मंगलौर और भगवानपुर पर विशेष फोकस रखने का निर्णय लिया गया; पुनीत कश्यप ने बताया कि इन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर संगठन की इकाइयां गठित कर युवाओं और महिलाओं को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है; उन्होंने विश्वास जताया कि जनहित के वास्तविक मुद्दों, शिक्षा और रोजगार के संकल्प के साथ सामाजिक न्याय पार्टी आने वाले समय में क्षेत्र की जनता के सामने एक मजबूत और सकारात्मक सामाजिक-राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित होगी; इस अवसर पर पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन विस्तार की इस मुहिम को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। देशभर में मनाए जा रहे 80वें स्वाधीनता दिवस के पावन महापर्व पर प्रेस क्लब महानगर रुड़की के कार्यालय में भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया; कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी सुभाष नंबरदार ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों व पत्रकार साथियों के साथ मिलकर विधिवत ध्वजारोहण किया, जिसके उपरांत सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समूचा परिसर देशभक्ति के जयघोष से गुंजायमान हो उठा; इस अवसर पर मुख्य अतिथि चौधरी सुभाष नंबरदार ने अपने संबोधन में कहा कि स्वाधीनता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को याद कर उनके पदचिह्नों पर चलने का दिन है; उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज को सही दिशा देने और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं; वहीं प्रेस क्लब महानगर रुड़की के अध्यक्ष प्रिंस शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिए आत्ममंथन और गौरव का पर्व है तथा पत्रकारिता का मूल ध्येय केवल समाचार देना ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना जाग्रत कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है, जिसके लिए प्रेस क्लब पत्रकार हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को निरंतर प्रमुखता से उठाता रहेगा; इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार असलम अंसारी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी की यह अनमोल विरासत अनगिनत वीरों के संघर्ष का परिणाम है, जिसे संजोए रखने के लिए पत्रकारों को निष्पक्ष, निर्भीक और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के माध्यम से समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी महती जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए; कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकार साथियों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि का सामूहिक संकल्प दोहराया।

ग्राम प्रधान विपिन कुमार ने किया ध्वजारोहण, ग्रामीणों संग लिया गांव के विकास का संकल्प

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन राष्ट्रीय महापर्व के उपलक्ष्य में विकास खंड रुड़की के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोहलपुर गाड़ा स्थित मिनी सचिवालय/पंचायत भवन परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया; कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान विपिन कुमार ने मातृशक्ति, नन्हें-मुन्ने बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति में विधिवत राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी तथा सामूहिक राष्ट्रगान के साथ भारत माता के गगनभेदी जयघोष लगाए; इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ग्राम प्रधान विपिन कुमार ने कहा कि आजादी का यह पावन पर्व हमें देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है; उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर गांव में शिक्षा, स्वच्छता, पक्की सड़कों, पेयजल एवं बुनियादी विकास कार्यों को पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि सोहलपुर गाड़ा को एक आदर्श और विकसित ग्राम पंचायत बनाया जा सके; उन्होंने सभी ग्रामीणों और विशेषकर युवाओं से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा राष्ट्र व समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया; इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, मातृशक्ति, युवा एवं बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे तथा सभी ने एकजुट होकर गांव की खुशहाली और राष्ट्र की उन्नति का सामूहिक संकल्प दोहराया।

RNI/PRGI पंजीकरण के बिना रौब झाड़ने वालों के खिलाफ मुख्यधारा का मीडिया एकजुट; पुलिस-प्रशासन से विशेष सत्यापन अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग 

नवीन कुमार विशेष संपादकीय रिपोर्ट 

रुड़की (ग्रामीण तहकीकात)। आजकल क्षेत्र में बिना किसी सरकारी कागजात, RNI/PRGI पंजीकरण या सूचना विभाग की मान्यता के केवल एक फेसबुक पेज बनाकर, बाजार से माइक आईडी खरीदकर और साथ में एक लड़के को कैमरामैन बनाकर खुद को बड़ा पत्रकार बताने वालों की होड़ सी मच गई है; सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को खबर की एक लाइन तक लिखना नहीं आता और जिनका पुराना रिकॉर्ड थानों में लड़ाई-झगड़ों व चालानों से भरा रहा है, वे भी अधिकारियों (डीएम,एसएसपी) के साथ अपनी फेसबुक पर उनकी फोटो साथ में डालकर और गाड़ियों पर ‘प्रेस’ लिखवाकर आम लोगों, छोटे दुकानदारों व कर्मचारियों पर बेवजह रौब झाड़ते फिरते हैं।

इतना ही नहीं, अब फर्जीवाड़े का एक नया तरीका सामने आया है जहाँ बिना किसी वैध RNI/PRGI रजिस्ट्रेशन के ‘चैट जीपीटी’ (ChatGPT) जैसे एआई टूल का इस्तेमाल करके फर्जी अखबारों के पन्नों की कटिंग तैयार की जा रही है और खुद को फर्जी संपादक घोषित कर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है; ऐसे डिजिटल जालसाजों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है और क्षेत्र के पंजीकृत एवं असली अखबारों के संपादक जल्द ही इन फर्जी एआई संपादकों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं।

यहाँ यह बात बिल्कुल साफ और स्पष्ट कर देना जरूरी है कि हमारी यह रिपोर्ट उन आदरणीय वरिष्ठ पत्रकारों के लिए बिल्कुल नहीं है जो पिछले कई सालों से बड़े अखबारों और न्यूज़ चैनलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं तथा आज पूरी ईमानदारी व प्रोफेशनल तरीके से अपने न्यूज़ पोर्टल चला रहे हैं; यह ‘तथाकथित’ शब्द केवल उन अनधिकृत तत्वों के लिए है जिन्हें पत्रकारिता की एबीसीडी तक नहीं पता और जो केवल वसूली व रौब जमाने के लिए मैदान में उतरे हैं। इस पूरे खेल में सबसे बड़ी लापरवाही उन पेज चलाने वालों और गैर-जिम्मेदार संपादकों की भी है जो बिना पुलिस वेरिफिकेशन या पढ़ाई-लिखाई देखे किसी के भी हाथ में आईडी कार्ड और माइक थमा देते हैं; यहाँ कानून की नजर से यह बात सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली है कि अगर कोई इंसान एक बार वरिष्ठ पत्रकारों के सामने अपनी गलती मानकर लिखित में ‘माफीनामा’ दे चुका हो और फिर भी बार-बार वही काम करे, तो कानून में इसे जानबूझकर की गई बदनियती माना जाता है और पुराना माफीनामा कोर्ट-पुलिस में उसके खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन जाता है। कानूनी जानकारों का साफ कहना है कि बिना जांच-पड़ताल कार्ड बांटने वालों और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर अब सख्त गाज गिरने वाली है, क्योंकि पुलिस और प्रशासन से यह मांग की जा रही है कि वे जल्द ही क्षेत्र में ऐसे फर्जी माइक, गाड़ियों पर लिखे ‘प्रेस’, चैट जीपीटी से बनी फर्जी अखबार कटिंग और बिना मान्यता वाले पेजों की जांच का विशेष अभियान चलाकर सख्त वैधानिक कार्रवाई करें ताकि सही और असली मीडिया की साख पूरी तरह बनी रहे।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। प्रधान संगठन विकास खंड रुड़की के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सुल्तानपुर साबतवाली के प्रधान श्रवण कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ रुड़की के माध्यम से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार को एक ज्ञापन सौंपकर रुड़की के प्रधान मुख्य डाकघर परिसर स्थित आधार सेंटर पर कर्मचारियों की तानाशाही, मनमानी और बदसलूकी पर कड़ा आक्रोश जताया है। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि 25 जुलाई को जब वे अपनी भांजी का आधार कार्ड बनवाने डाकघर पहुंचे, तो कड़ी धूप में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों लाइन में खड़ा रखा गया, जबकि अंदर कर्मचारियों द्वारा अपने चहेतों का काम बिना लाइन के सीधे किया जा रहा था।

 

मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रधान संगठन ब्लॉक रुड़की अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा, “भारत सरकार और राज्य सरकार आम जनता को हर संभव सुविधा देने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ कर्मचारी अपनी तानाशाही और अभद्र व्यवहार से सरकार की नीतियों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। आधार सेंटर पर घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद लोगों को यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि आधार सेंटर पर तैनात कर्मचारियों और गार्ड का आम जनता के प्रति यह मनमाना और तानाशाही रवैया तुरंत नहीं बदला, तो प्रधान संगठन हरिद्वार चुप नहीं बैठेगा और इस जनसमस्या को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।”

प्रधान संगठन ने मांग की है कि कड़ी धूप से बचाव के लिए लाइन के ऊपर शेड व पंखों की व्यवस्था की जाए, स्टाफ व सिफारिशी लोगों के लिए अलग काउंटर बनाया जाए तथा आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी पहले ही बोर्ड पर स्पष्ट की जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन की जल सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रसिद्ध शोध पत्रिका ‘थियोरेटिकल एंड एप्लाइड क्लाइमेटोलॉजी’ में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, 21वीं सदी के अंत तक क्षेत्र के तापमान में भारी बढ़ोतरी के चलते भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ सकती है और कुल जल उपलब्धता 4 से 7 प्रतिशत तक घट सकती है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बढ़ते तापमान और वाष्पीकरण में वृद्धि के कारण भविष्य में कुमाऊं क्षेत्र में भीषण सूखा, प्राकृतिक जलस्रोतों का सूखना और कृषि व पेयजल का संकट गहरा सकता है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और जी.बी. पंत संस्थान के निदेशक डॉ. आई.डी. भट्ट ने जल संकट से निपटने के लिए जलागम प्रबंधन, प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनरुद्धार और वैज्ञानिक जल संरक्षण नीतियों को तत्काल लागू करने की जरूरत बताई है।

ग्रामीण तहकीकात/नवीन कुमार

रुड़की। तहसील परिसर में आयोजित ‘तहसील दिवस’ के अवसर पर नगर विधायक व कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नवनिर्मित सौंदर्यकरण कार्यों का भव्य लोकार्पण किया। इस दौरान अधिकारियों ने परिसर की दीवारों पर उकेरी गई राज्य की सांस्कृतिक पेंटिंग्स और नए फुटपाथों का निरीक्षण किया, जो आगंतुकों के लिए सुगमता के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम में सीएसआर फंड से निर्मित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया गया, जहाँ सरकारी स्कूल की छात्राओं को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस मौके पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि, “माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में शहरों को अतिक्रमण मुक्त करने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। तहसील के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यहाँ कंप्यूटर लिटरेसी सेल बनाया गया है, जहाँ छात्राओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित और आधुनिक वातावरण मिल सके।”

वहीं, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “तहसील परिसर में पहले जहाँ गंदगी और अव्यवस्था थी, वहां आज भव्य पेंटिंग और फुटपाथ तैयार हैं। प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को गति देते हुए हमने यहाँ छात्राओं के लिए जो कंप्यूटर लैब शुरू की है, उसमें उन्हें बेसिक कोर्स से लेकर एआई तक की ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारा लक्ष्य रुड़की को एक ‘ग्रीन, क्लीन और स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित करना है।” कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैग भी वितरित किए गए, जिसमें तहसील प्रशासन के कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।