ग्रामीण तहकीकात
रुड़की। त्योहारी मौसम के दौरान विभिन्न प्रशासनिक विभागों और स्थानीय निकायों में औपचारिक मुलाकातों और उपहारों का सिलसिला शुरू होते ही अंदरखाने नाराजगी के सुर भी उभरने लगे हैं। रुड़की, मंगलौर, भगवानपुर और झबरेड़ा क्षेत्र के कई दफ्तरों व स्थानीय निकायों में ‘खास और आम’ के आधार पर हो रहे कथित लिफाफा व उपहार वितरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम रुड़की, नगर पालिका मंगलौर, नगर पंचायत भगवानपुर और झबरेड़ा समेत विभिन्न ब्लॉक कार्यालयों (रुड़की, नारसन, भगवानपुर), एचआरडीए, पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, प्रदूषण विभाग और सिंचाई विभाग जैसे प्रमुख महकमों में पिछले कुछ दिनों से मुलाकातों की गहमागहमी बढ़ी है। आरोप लग रहे हैं कि त्योहार की आड़ में बांटे जा रहे पैकेट्स और लिफाफों में तय प्राथमिकताओं और नजदीकियों को ध्यान में रखा जा रहा है।
चर्चा है कि सूची में शामिल कुछ चुनिंदा ‘खासमखास’ लोगों को तो वजनदार सौगातें पहुंचाई जा रही हैं, जबकि सामान्य दायित्व निभाने वालों को महज औपचारिकता पूरी कर निपटाया जा रहा है। इसी गैर-बराबरी को लेकर दफ्तरों के गलियारों से लेकर राजनीतिक हलकों तक असंतोष देखने को मिल रहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर चर्चा यह भी है कि विभागीय व स्थानीय स्तर के कुछ जिम्मेदार प्रतिनिधि अपने समीकरण साधने के लिए इस प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी भी विभाग या निकाय ने इस प्रकार के पक्षपातपूर्ण वितरण की पुष्टि नहीं की है और इसे केवल औपचारिक शिष्टाचार व निराधार चर्चा बताया जा रहा है। बहरहाल, उपखंड के विभिन्न कार्यालयों में इस ‘लिफाफा सियासत’ को लेकर अंदरूनी खींचतान जारी है।
