ग्रामीण तहकीकात ऐप इंस्टॉल करने के लिए यहाँ क्लिक करें 📲

Naveen Kumar

नवीन कुमार (प्रधान संपादक) दैनिक ग्रामीण तहकीकात (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत हिन्दी दैनिक समाचार पत्र)

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

देहरादून। देवभूमि आगमन पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी निषाद का सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं कश्यप समाज के प्रतिनिधियों द्वारा पुष्पगुच्छ व फूल-मालाएं भेंट कर गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया; 4 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशाल एवं ऐतिहासिक कश्यप महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करने पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री का स्वागत करते हुए जल संसाधन मंत्रालय के सलाहकार नीरज कश्यप के मार्गदर्शन में समाज की मजबूती, संगठनात्मक विस्तार तथा सर्वांगीण उत्थान को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ; इस दौरान सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि यह ऐतिहासिक कश्यप महासम्मेलन समाज की एकता, आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई में एक नया अध्याय लिखेगा तथा समाज के हकों, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की इस मुहिम को मुकाम तक पहुंचाने के लिए हर वर्ग पूरी तरह एकजुट व संकल्पित है; स्वागत कार्यक्रम के दौरान पुनीत कश्यप के साथ अरविंद कश्यप, अमजद अली जद्दा, शंकर राणा, आशु राणा, शंकर राजपूत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

झबरेड़ा। झबरेंडी कलां गांव में अपनी बहन और उसके प्रेमी की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी को झबरेड़ा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग भी की, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को झबरेंडी कलां निवासी वादी अशोक की तहरीर पर सूरज उर्फ मुन्ना और रूपा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में अमन उर्फ भरोसी के खिलाफ हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) का मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात के बाद से ही आरोपी और उसके परिजन घर छोड़कर फरार चल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार के निर्देश, एसपी देहात के मार्गदर्शन और सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें गठित कर दबिश दी जा रही थी।

पुलिस की लगातार दबिश के चलते आरोपी दूसरे राज्य में भागने की फिराक में था। 29-30 सितंबर की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अमन रुपयों का इंतजाम करने के लिए बूढ़पुर गांव आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बूढ़पुर आने-जाने वाले रास्तों पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान मंगलौर की ओर से एक युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक पर तेजी से आता दिखाई दिया। नहर पटरी पिकेट पर जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस पार्टी पर तमंचे से फायर झोंक दिया और भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना नाम अमन उर्फ भरोसी पुत्र रामकुमार (निवासी ग्राम झबरेंडी कलां) बताया। पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले में उसके खिलाफ धारा 109(1) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रेम प्रसंग और बदनामी बनी दोहरे कत्ल की वजह

पूछताछ में आरोपी अमन ने बताया कि मृतक सूरज उर्फ मुन्ना रिश्ते में परिवार के ही चाचा-ताऊ का लड़का था, जिसका उसकी बहन रूपा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों को कई बार समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। मोहल्ले और समाज में हो रही बदनामी के चलते उसने दोनों की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी, झबरेड़ा थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, एसएसआई मनोज गैरोला, एसआई रविंद्र सिंह, गंभीर सिंह तोमर, नीरज रावत, हेड कांस्टेबल रामवीर, हरेंद्र, अब्बुल हसन, विकास, सीआईयू से हेड कांस्टेबल मनमोहन, कांस्टेबल रविंद्र खत्री, कांस्टेबल सुरेंद्र, राजदीप, मनीष चौहान और अनिल कुमार शामिल रहे।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

देहरादून। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से लोकप्रिय नेता मुकेश सहनी के देवभूमि देहरादून आगमन पर सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। राजधानी पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने अपने बयान में कहा, “आज देश और प्रदेश में शोषित, वंचित और पिछड़े वर्ग अपने वास्तविक हक और राजनीतिक हिस्सेदारी की लड़ाई लड़ रहे हैं। मुकेश सहनी जी ने जिस तरह निषाद, कश्यप और मल्लाह समाज के साथ-साथ हर कमजोर वर्ग को एकजुट कर उन्हें राजनीतिक पहचान दिलाने का काम किया है, वह बेहद प्रेरणादायक है। हम देवभूमि उत्तराखंड में भी सामाजिक न्याय की इस मशाल को कमजोर नहीं पड़ने देंगे। कश्यप समाज और अन्य पिछड़े वर्गों को उनका वाजिब हक, मान-सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है। समाज के उत्थान और अधिकारों की इस लड़ाई को हम हर स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।”

वहीं दोनों नेताओं के बीच प्रदेश में सामाजिक न्याय के मुद्दों, पिछड़े वर्गों की समस्याओं और समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीतियों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। स्वागत कार्यक्रम के दौरान अमजद अली जद्दा, अरविंद कुमार, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुकेश सहनी के इस दौरे और पुनीत कश्यप के मजबूत नेतृत्व से उत्तराखंड में सामाजिक न्याय की मुहिम को और अधिक बल मिलेगा।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

हरिद्वार। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप अपनी पूरी टीम के साथ जनसंपर्क पर निकले और कार्यकर्ताओं व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से सौजन्य भेंट की। इस दौरान क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं और समाज को एकजुट कर आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में पहुंचे समाज के प्रमुख लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने कहा कि आज समाज को अपने अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी के प्रति जागरूक होने की सख्त जरूरत है। लंबे समय से समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों की उपेक्षा होती रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य हर वर्ग तक सामाजिक न्याय पहुंचाना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को एकजुट करें और सामाजिक बदलाव की इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप दें।

इस आत्मीय भेंट और बैठक के दौरान ग्राम प्रधान सुरेश कश्यप, सुनील कश्यप, बिट्टू कश्यप, विनोद कश्यप, राज्जा कश्यप, धर्मवीर कश्यप, बंटी कश्यप, सुशील कश्यप और रणतेज कश्यप सहित दर्जनों प्रमुख लोग मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित सभी साथियों ने एक स्वर में पुनीत कश्यप के नेतृत्व पर भरोसा जताया और समाज के हक, मान-सम्मान व न्याय की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया। अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि अपनों का यही साथ, स्नेह और एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

खानपुर/लक्सर। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए खानपुर और लक्सर क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कश्यप और वरिष्ठ नेता पुनीत कश्यप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों और बाजारों में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया। इस दौरान टीम ने आगामी 4 तारीख को होने वाले ‘कश्यप महासम्मेलन’ के लिए ग्रामीणों और समाज के लोगों को न्योता दिया। कई जगहों पर ग्रामीणों ने नेताओं का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया।

जनसंपर्क के दौरान पार्टी नेताओं ने खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ से भी उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र के विकास और राजनीति को लेकर चर्चा हुई और उन्हें महासम्मेलन में आने का न्योता दिया गया।

सभाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नीरज कश्यप ने कहा कि कश्यप समाज को हमेशा सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है और राजनीतिक दलों ने समाज के हक की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि अब समाज जाग चुका है और अपने अधिकारों व मान-सम्मान के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा।

वहीं वरिष्ठ नेता पुनीत कश्यप ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता नीरज कश्यप के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि नीरज कश्यप को किसी बड़े दल (खासकर भाजपा) से टिकट मिलता है, तो पूरा समाज उन्हें जिताने के लिए जी-जान लगा देगा। लेकिन अगर पार्टी या समाज की अनदेखी हुई, तो सामाजिक न्याय पार्टी खानपुर और लक्सर सीटों पर अपने निर्दलीय प्रत्याशी उतारेगी और पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। जनसंपर्क के बाद से ही क्षेत्र में 4 तारीख के सम्मेलन को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

• आईआईटी मद्रास, बॉम्बे, दिल्ली समेत देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों के विशेषज्ञ जुटे

• ग्रामीण कारीगरों व किसानों के लिए टिकाऊ मॉडल पर मंथन

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) में ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह (RuTAG 2.0) की दो दिवसीय तीसरी वार्षिक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक का विधिवत शुभारंभ हुआ; बैठक का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में विकसित हो रहे उन्नत अनुसंधान को सीधे जमीनी स्तर पर उतारकर ग्रामीण समुदायों, किसानों और स्थानीय कारीगरों के जीवन में व्यावहारिक व टिकाऊ बदलाव लाना है; उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने दो-टूक कहा कि ग्रामीण प्रौद्योगिकी का वास्तविक प्रभाव तभी संभव है जब वह वैज्ञानिक नवाचार से आगे बढ़कर वहनीयता, अनुकूलनशीलता और बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की क्षमता प्रदर्शित करे; उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अनुसंधान केवल फाइलों तक सीमित न रहकर ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर स्थानीय उद्यम मॉडलों को जन्म दे;

इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनई ने शैक्षणिक अनुसंधान और धरातलीय क्रियान्वयन के बीच निर्बाध जुड़ाव की आवश्यकता जताई; उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नवाचार की सफलता अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति पर उसके पड़ने वाले ठोस प्रभाव से तय होती है, जिसके लिए निरंतर फीडबैक और मानकीकृत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रोटोकॉल बेहद जरूरी हैं; वहीं आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी तभी सार्थक बनती है जब वह किसानों और शिल्पकारों की वास्तविक जमीनी जरूरतों के अनुरूप हो; उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, सरकार, उद्योगों और एनजीओ के साझा सहयोग से इस मिशन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया;

बैठक में आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, ICAR-NAARM हैदराबाद तथा SKUAST कश्मीर के RuTAG केंद्रों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं; पहले दिन की चर्चाओं में तकनीकी हस्तांतरण की बाधाओं को दूर करने और ग्रामीण भारत के सतत विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने पर व्यापक मंथन हुआ; इस दौरान आईआईटी रुड़की के डीन (SRIC) प्रो. विवेक मलिक, RuTAG के पीआई प्रो. एस. के. सिंगल तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के सलाहकार डॉ. राकेश कौर सहित देश भर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 

मंगलौर। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलौर गुड़ मंडी के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारी-भरकम प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) को पूरी तरह ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। दर्जनों फीट की ऊंचाई पर भारी लोहे के शटरिंग पैनल और गार्डर के बीच मजदूर बिना किसी बुनियादी जीवन-रक्षक उपकरण के काम करने को मजबूर हैं।

​

तस्वीरें बयां कर रहीं लापरवाही का सच

निर्माण स्थल से सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ऊंचाई पर काम कर रहे श्रमिकों के सिर पर न तो सेफ्टी हेलमेट है और न ही उनके पास सेफ्टी हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) मौजूद है। क्रेन से भारी लोहे के ढांचे उठाए जा रहे हैं और उसी के ठीक नीचे बिना किसी रिफ्लेक्टिव जैकेट या सुरक्षा किट के मजदूर खड़े हैं। कार्यस्थल पर न तो सुरक्षा जाल (Safety Net) है और न ही कोई लाइफलाइन बंधी है। यदि काम के दौरान कोई तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की घटना होती है, तो बड़ा हादसा तय है।

​श्रम कानून और NHAI की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (BOCW) अधिनियम के कड़े दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी ऊंचाई वाले निर्माण स्थल पर बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE किट) के काम नहीं कराया जा सकता। इसके अलावा साइट पर प्रशिक्षित सेफ्टी ऑफिसर और थर्ड-पार्टी सुपरविजन कंसलटेंट (Independent Engineer) की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन मंगलौर गुड़ मंडी के पास चल रहे इस निर्माण कार्य को देखकर प्रतीत होता है कि ठेकेदार के लिए सुरक्षा मानकों का कोई वजूद नहीं है।

​नीचे दौड़ता ट्रैफिक, ऊपर मौत का खेल

हाईवे पर हर मिनट सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। नीचे दौड़ता ट्रैफिक और ऊपर हवा में बिना सुरक्षा काम करते मजदूर—यह दृश्य न केवल श्रमिकों बल्कि सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था सिर्फ काम को जल्दबाजी में निपटाने के चक्कर में मानवीय जीवन से खिलवाड़ कर रही है।

वहीं इस पूरे मामले में जब NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर सुमित कुमार से संपर्क कर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर उनका आधिकारिक पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने फोन पर कोई स्पष्ट उत्तर देने के बजाय कहा—“मिलते हैं, शाम को कैंप ऑफिस आ पाइएगा?” समाचार प्रतिनिधि द्वारा फोन पर ही आधिकारिक वर्जन देने का आग्रह करने के बावजूद खबर लिखे जाने तक उन्होंने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कोई लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

मंगलौर। कस्बे के एक निजी रेस्टोरेंट में नारसन ब्लॉक के ग्राम प्रधानों द्वारा मंगलौर प्रेस क्लब (रजि.) की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पदाधिकारियों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष अक्षय प्रधान के संयोजन एवं वरिष्ठ पत्रकार अमजद उस्मानी की अध्यक्षता में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रेस क्लब के महासचिव अनिल सैनी ने किया। इस दौरान उपस्थित पत्रकारों एवं अतिथियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मनोज शर्मा ने कहा कि पहले के दौर में साधन सीमित थे, लेकिन पत्रकारिता में जमीनी सरोकार, संवेदनशीलता और जवाबदेही बेहद गहरी हुआ करती थी, जिसे आज भी संजोए रखने की महती आवश्यकता है; वहीं अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार अमजद उस्मानी ने पुराने दौर के पत्रकारिता अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सिद्धांतों और निष्पक्षता से समझौता न करना ही कलम की वास्तविक शक्ति रही है। नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल सैनी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि आधुनिक सूचना क्रांति और डिजिटल युग की तेज रफ्तार के बीच सत्यता, विश्वसनीयता और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना आज की पत्रकारिता के लिए सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता है, जिसके लिए मंगलौर प्रेस क्लब पूरी निष्ठा के साथ पत्रकारों के हितों व जनहित की आवाज को मजबूती देगा। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार देशराज पाल, वरिष्ठ पत्रकार अनिल त्यागी, वरिष्ठ भाजपा नेता सूर्यवीर मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम गोर, उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव नवीन कुमार, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर, संगठन मंत्री रोहित राणा, प्रवक्ता अनुज सैनी, सदस्य अश्वनी सैनी, सदस्य फरमान अंसारी सहित अलीम प्रधान और मुकेश सैनी प्रधान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र (संपादक नवीन कुमार)

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के वार्षिक दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हुए एनएसए डोभाल ने विश्वास जताया कि आने वाले दो दशकों में भारत की जीडीपी 4,015 अरब डॉलर से छलांग लगाकर 38,000 अरब डॉलर (38 ट्रिलियन डॉलर) के स्तर को छू लेगी।

सभागार में मौजूद उपाधि धारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर की साक्षी बन रही है, जहां असीम संभावनाएं उनका इंतजार कर रही हैं। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को जीवन के हर मोड़ पर निडर और साहसी बने रहने का संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर संस्थान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को देश सेवा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए मानद उपाधि (ऑनोरिस कौसा) से विभूषित किया।

पहले दिन 1,277 स्नातकों को मिली उपाधि, टूटा रिकॉर्ड

दो दिवसीय आयोजन के शुरुआती दिन मुख्य रूप से अंडरग्रेजुएट स्तर के 1,277 विद्यार्थियों को उपाधियां बांटी गईं, जिनमें 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल रहीं। इनमें बी.टेक, बी.आर्क, बीएस-एमएस और एकीकृत एम.टेक सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल थे। संस्थान के इतिहास में पहली बार पांच वर्षीय बीएस-एमएस ड्युअल डिग्री भी प्रदान की गई। केमिकल साइंसेज के छात्र श्रीवरदन बालाजी को बीटेक/बीएस समूह में सर्वश्रेष्ठ सीजीपीए अर्जित करने पर प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल’ से नवाजा गया।

आईआईटी रुड़की इस वर्ष अपने इतिहास में सर्वाधिक कुल 2,701 डिग्रियां वितरित कर नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। दूसरे दिन यानी 20 सितंबर को 1,424 पीजी और पीएचडी शोधार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी।

सीडीएस और हरीश साल्वे ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और आधुनिक चुनौतियों से निपटने में युवाओं की तकनीकी दक्षता और शोध क्षमताएं सबसे अहम कड़ी हैं।

आईआईटी रुड़की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों के अनुशासन और संस्थान की गौरवशाली विरासत की सराहना की। वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने सभी उपाधि धारकों को बधाई देते हुए कहा कि आईआईटी रुड़की केवल तकनीकी विशेषज्ञ नहीं, बल्कि गंभीर सोच और नवाचार के दम पर वैश्विक समस्याओं को हल करने वाले नेतृत्वकर्ता तैयार करता है। उपाधि प्राप्त करने के बाद परिसर में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच खासा उत्साह देखा गया।

​ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

​रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) का वार्षिक दीक्षांत समारोह 19 और 20 सितंबर को संस्थान परिसर में आयोजित किया जाएगा; जिसमें कुल 2,701 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी; संस्थान के जेम्स थॉमसन बिल्डिंग स्थित सीनेट हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की; उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता पूर्व सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे करेंगे।

​निदेशक प्रो. के.के. पंत ने बताया कि समारोह का पहला दिन (19 सितंबर) स्नातक (यूजी) विद्यार्थियों को समर्पित रहेगा, जिसमें देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित कुमार डोभाल मुख्य अतिथि तथा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) एवं सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे; वहीं समारोह के दूसरे दिन (20 सितंबर) स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी; इस सत्र के मुख्य अतिथि हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन चितले और विशिष्ट अतिथि ऑयलमैक्स एनर्जी के संस्थापक व प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग रहेंगे।

​निदेशक ने कहा कि यह अवसर केवल उपाधियां प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के नवाचार, शोध और समाज सेवा के प्रति समर्पण का उत्सव है; इस दौरान उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार एवं डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एन.के. नवानी ने भी अपने विचार रखे और विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की; उन्होंने जानकारी दी कि जो लोग व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए संस्थान के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा; प्रेस वार्ता के अंत में कार्यक्रम से संबंधित एक प्रचार वीडियो भी जारी किया गया।