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Naveen Kumar

नवीन कुमार (प्रधान संपादक) दैनिक ग्रामीण तहकीकात (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत हिन्दी दैनिक समाचार पत्र)

दैनिक समाचार पत्र: ग्रामीण तहकीकात

नारसन। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ओर से विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए लगातार कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन नारसन विकासखंड में मनरेगा एवं विभागीय पोर्टल ‘VB-G RAM G’ से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय पोर्टल पर दर्ज सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, शेरपुर खेलमऊ ग्राम पंचायत में सड़क व नाला निर्माण से जुड़े मस्टर रोलों में दर्जनों मजदूरों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है, जबकि ग्रामीणों व मौके की स्थिति के अनुसार धरातल पर काम न चलने की बात सामने आ रही है।

पोर्टल के अनुसार, वर्तमान में बारिश के मौसम के बावजूद पूरे नारसन ब्लॉक में कुल 135 मस्टर रोल खुले हुए हैं और 1003 मजदूरों की दैनिक उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जिसमें तालाब खुदाई जैसे कार्य भी शामिल दर्शाए गए हैं।

इस पूरे मामले को लेकर जब ‘दैनिक समाचार पत्र ग्रामीण तहकीकात’ के संवाददाता ने नारसन के सहायक विकास अधिकारी (ADO) अशोक कुमार से फोन पर बातचीत की, तो पहले उन्होंने बारिश के कारण मस्टर रोल बंद होने की बात कही; लेकिन जब संवाददाता ने सरकारी पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड व साक्ष्यों का हवाला दिया, तो उन्होंने कहा कि मामले को दिखवाकर तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया जाएगा।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब धरातल पर काम नहीं चल रहा था, तो पोर्टल पर मजदूरों की उपस्थिति कैसे दर्ज हो रही थी। ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम ब्लॉक के अन्य गांवों में भी जमीनी स्थिति की पड़ताल कर रिपोर्ट शासन-प्रशासन के सामने रखेगी। पूरे प्रकरण पर संबंधित उच्चाधिकारियों का पक्ष लेकर आगामी अंक में विस्तृत खबर प्रकाशित की जाएगी।

RNI/PRGI पंजीकरण के बिना रौब झाड़ने वालों के खिलाफ मुख्यधारा का मीडिया एकजुट; पुलिस-प्रशासन से विशेष सत्यापन अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग 

नवीन कुमार विशेष संपादकीय रिपोर्ट 

रुड़की (ग्रामीण तहकीकात)। आजकल क्षेत्र में बिना किसी सरकारी कागजात, RNI/PRGI पंजीकरण या सूचना विभाग की मान्यता के केवल एक फेसबुक पेज बनाकर, बाजार से माइक आईडी खरीदकर और साथ में एक लड़के को कैमरामैन बनाकर खुद को बड़ा पत्रकार बताने वालों की होड़ सी मच गई है; सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को खबर की एक लाइन तक लिखना नहीं आता और जिनका पुराना रिकॉर्ड थानों में लड़ाई-झगड़ों व चालानों से भरा रहा है, वे भी अधिकारियों (डीएम,एसएसपी) के साथ अपनी फेसबुक पर उनकी फोटो साथ में डालकर और गाड़ियों पर ‘प्रेस’ लिखवाकर आम लोगों, छोटे दुकानदारों व कर्मचारियों पर बेवजह रौब झाड़ते फिरते हैं।

इतना ही नहीं, अब फर्जीवाड़े का एक नया तरीका सामने आया है जहाँ बिना किसी वैध RNI/PRGI रजिस्ट्रेशन के ‘चैट जीपीटी’ (ChatGPT) जैसे एआई टूल का इस्तेमाल करके फर्जी अखबारों के पन्नों की कटिंग तैयार की जा रही है और खुद को फर्जी संपादक घोषित कर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है; ऐसे डिजिटल जालसाजों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है और क्षेत्र के पंजीकृत एवं असली अखबारों के संपादक जल्द ही इन फर्जी एआई संपादकों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं।

यहाँ यह बात बिल्कुल साफ और स्पष्ट कर देना जरूरी है कि हमारी यह रिपोर्ट उन आदरणीय वरिष्ठ पत्रकारों के लिए बिल्कुल नहीं है जो पिछले कई सालों से बड़े अखबारों और न्यूज़ चैनलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं तथा आज पूरी ईमानदारी व प्रोफेशनल तरीके से अपने न्यूज़ पोर्टल चला रहे हैं; यह ‘तथाकथित’ शब्द केवल उन अनधिकृत तत्वों के लिए है जिन्हें पत्रकारिता की एबीसीडी तक नहीं पता और जो केवल वसूली व रौब जमाने के लिए मैदान में उतरे हैं। इस पूरे खेल में सबसे बड़ी लापरवाही उन पेज चलाने वालों और गैर-जिम्मेदार संपादकों की भी है जो बिना पुलिस वेरिफिकेशन या पढ़ाई-लिखाई देखे किसी के भी हाथ में आईडी कार्ड और माइक थमा देते हैं; यहाँ कानून की नजर से यह बात सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली है कि अगर कोई इंसान एक बार वरिष्ठ पत्रकारों के सामने अपनी गलती मानकर लिखित में ‘माफीनामा’ दे चुका हो और फिर भी बार-बार वही काम करे, तो कानून में इसे जानबूझकर की गई बदनियती माना जाता है और पुराना माफीनामा कोर्ट-पुलिस में उसके खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन जाता है। कानूनी जानकारों का साफ कहना है कि बिना जांच-पड़ताल कार्ड बांटने वालों और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर अब सख्त गाज गिरने वाली है, क्योंकि पुलिस और प्रशासन से यह मांग की जा रही है कि वे जल्द ही क्षेत्र में ऐसे फर्जी माइक, गाड़ियों पर लिखे ‘प्रेस’, चैट जीपीटी से बनी फर्जी अखबार कटिंग और बिना मान्यता वाले पेजों की जांच का विशेष अभियान चलाकर सख्त वैधानिक कार्रवाई करें ताकि सही और असली मीडिया की साख पूरी तरह बनी रहे।

वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल के समर्थन में उमड़े भाजपाई, देवी सिंह राणा व सुदेश चौधरी बोले— पार्टी मौका दे तो इस बार भगवानपुर में खिलेगा कमल

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

भगवानपुर। भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील पेगोवाल के कैम्प कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी और किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। मौका था किसान मोर्चा के नए चुने गए पदाधिकारियों के स्वागत समारोह का। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन विपुल मानकपुर ने बहुत ही बढ़िया और आसान तरीके से संभाला। समारोह के दौरान हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र से किसान मोर्चा की प्रदेश व जिला कार्यकारिणी में शामिल किए गए सभी नए पदाधिकारियों का फूल-मालाएं पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर ज़ोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कैम्प कार्यालय में मौजूद किसान मोर्चा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों का भारी समर्थन और रुझान सुशील पेगोवाल के पक्ष में साफ़ नज़र आया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल ने कहा कि वे साल 1985 से भारतीय जनता पार्टी के सच्चे और वफ़ादार सिपाही के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन और पार्टी नेतृत्व जो भी ज़िम्मेदारी उन्हें देता है, वे उसे हमेशा पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाते हैं। पेगोवाल ने कहा कि पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा ‘कमल का फूल’ है; अगर पार्टी आलाकमान उन पर भरोसा जताते हुए भगवानपुर विधानसभा से उन्हें चुनाव मैदान में उतारता है, तो वे पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे और यदि संगठन किसी अन्य कार्यकर्ता को भी टिकट देता है, तो भी वे दिन-रात एक करके भाजपा प्रत्याशी को जिताने का काम करेंगे।
कार्यक्रम में पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता देवी सिंह राणा और सुदेश चौधरी ने सुशील पेगोवाल की कार्यशैली और समाज सेवा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुशील पेगोवाल पार्टी के पुराने और ज़मीन से जुड़े नेता हैं, जिन्होंने हमेशा संगठन को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि इस बार भगवानपुर की जनता का पूरा प्यार और समर्थन सुशील पेगोवाल को मिल रहा है। जनता क्षेत्र में विकास और बदलाव चाहती है; ऐसे में अगर पार्टी इस बार सुशील पेगोवाल को मौका देती है, तो भगवानपुर की सीट भारी वोटों से जीतकर भाजपा की झोली में जाएगी। इस अवसर पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग, वरिष्ठ भाजपा नेता, नए पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर पार्टी को जिताने का संकल्प लिया।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

झबरेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर संदिग्धों व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ तथा कांवड़ मेले के दृष्टिगत झबरेड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर आरोपियों को दो अवैध तमंचों व कारतूसों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर सरेआम लोगों को धमकाने और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे शुभम निवासी भिस्तीपुर , झबरेड़ा तथा शिवम निवासी मझौल देवबंद, सहारनपुर को उपनिरीक्षक नीरज रावत के नेतृत्व वाली टीम ने इकबालपुर-तांशीपुर रोड, हीराहेड़ी मार्ग से घेराबंदी कर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से .315 बोर के 02 अवैध तमंचे और 02 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरोपी शिवम एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ गंगनहर, देवबंद, मंगलौर और झबरेड़ा थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस तथा प्रिजन एक्ट सहित कुल 7 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। झबरेड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखा रहा नागल ब्लॉक प्रशासन; धरातल पर बारिश से पसरा सन्नाटा, लेकिन पोर्टल पर 15 ग्राम पंचायतों में दर्ज हुई 63 मजदूरों की हाजिरी; ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ के अगले अखबार अंक में छपेगा ब्लॉक का पूरा कच्चा-चिट्ठा

सहारनपुर/नागल। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी कठोरता से काम कर रही है और जन-कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त निर्देश दे चुकी है। लेकिन निचले स्तर पर बैठा बेलगाम प्रशासनिक तंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन पारदर्शी आदेशों को ठेंगा दिखाने में जुटा है। इसका ताजा उदाहरण नागल ब्लॉक में देखने को मिला है, जहां ‘वीबी जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना के तहत ब्लॉक प्रशासन के कागजी दावों और धरातल की हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क उजागर हुआ है। आज 6 अगस्त को पूरे सहारनपुर व नागल क्षेत्र में दिनभर हुई तेज बारिश के बीच जहां गांवों में एक भी मजदूर काम करने की हालत में नहीं था, वहीं सरकारी पोर्टल पर नागल की 15 ग्राम पंचायतों (भवानपुर, बिलासपुर, गांगदासपुर, गांगनोली, गुरगजपुर, कपूरी गोविंदपुर, खेड़ा मुगल, कोरवा, मीरपुर मोहनपुर, नंदनपुर, नन्हेड़ा बुद्धखेड़ा, नयामतपुर, सरकड़ी, तलहेड़ी बुजुर्ग और तांशीपुर) में कुल 16 मस्टर रोल पर 63 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी (Present) दर्ज कर दी गई।

ग्राम पंचायत खेड़ा मुगल के मस्टर रोल संख्या 237 पर दर्ज 5 मजदूरों की कागजी हाजिरी पर जब ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम ने नागल के खंड विकास अधिकारी (BDO) असलम परवेज से फोन पर सीधा सवाल किया, तो वे जिम्मेदारी लेने के बजाय उलटे नियम समझाने लगे। BDO असलम परवेज का कहना था: “जब मस्टर रोल जारी होता है तो वह 10-12 दिन के लिए निकलता है। हाजिरी उसी दिन से ऑटोमैटिक पोर्टल पर दिखने लगती है। जब 9 तारीख को फाइल हमारे पास आएगी कि 4 मजदूर आए या 2 आए, तब असल बात साफ होगी और भुगतान भी उसी हिसाब से होगा; अभी जो दिख रहा है वह सिस्टम से ऑटोमैटिक है।”

BDO साहब भले ही इसे ‘ऑटोमैटिक’ बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन एनएमएमएस (NMMS App) का सरकारी नियम साफ कहता है कि बिना मौके पर जाकर मजदूरों की लाइव फोटो और लोकेशन अपलोड किए पोर्टल पर ‘Present‘ लग ही नहीं सकती। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर बारिश के कारण सन्नाटा था, तो ऐप पर फोटो खींचकर हाजिरी किसने लगाई? क्या खेड़ा मुगल की तरह पूरे नागल ब्लॉक में बारिश के नाम पर सरकारी बजट की बंदरबांट का यह कागजी खेल खुलेआम चल रहा है? यह पूरा मामला उच्चस्तरीय जांच का विषय है।

‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ के पास मस्टररोल के डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं। इस पूरे ब्लॉक में चल रहे फर्जीवाड़े का पूरा कच्चा-चिट्ठा ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात‘ के आगामी समाचार पत्र अंक में साक्ष्यों के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को लेकर भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) ने क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ताबड़तोड़ जनसंपर्क व प्रचार अभियान चला रहे हैं, जहां उन्हें कश्यप समाज, पिछड़े वर्गों (OBC) और आम ग्रामीणों का भारी समर्थन मिल रहा है।
पार्टी नेतृत्व ने अपनी रणनीति साफ करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप और प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप के मार्गदर्शन में हरिद्वार सहित प्रदेश की लगभग 10 से 11 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे जाएंगे।

चुनावी अभियान के दौरान अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप ने कहा कि पार्टी का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और पिछड़े वर्ग के हर बच्चे तक मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब तक हर परिवार को शिक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है।


वहीं, चुनावी हुंकार भरते हुए प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार चुनाव मैदान में मजबूती से उतरेगी और राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि आज युवा बेरोजगारी से परेशान है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। कश्यप समाज और अन्य पिछड़े वर्गों का मजबूत वोट बैंक पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा है। पार्टी का संदेश साफ है कि जनता के अधिकारों, रोजगार और बुनियादी सहूलियतों से जुड़े मुद्दों पर या तो मांगें पूरी हों, वरना चुनावी मैदान में हार-जीत के गणित को पूरी तरह बदल दिया जाएगा।


प्रचार के दौरान गांव-गांव में मिल रहे जनसमर्थन पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ग्रामीणों का कहना है कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने अब तक सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है, जबकि सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पिछड़ों के हक की बात कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव-घर जाकर चलाए जा रहे इस अभियान से लोगों में एक नया विकल्प और विश्वास जगा है, जिससे पार्टी की स्थिति काफी प्रभावशाली दिखाई दे रही है।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

झबरेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर गोकशी व अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत कोतवाली झबरेड़ा पुलिस ने वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है; उपनिरीक्षक नीरज रावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम हेड कांस्टेबल रामवीर एवं कांस्टेबल प्रदीप बिष्ट ने 31 जुलाई को त्वरित कार्रवाई करते हुए गोकशी के अपराध में शामिल अभियुक्त ताजिम पुत्र इरफान निवासी ग्राम नगला कुबड़ा, कोतवाली झबरेड़ा, हरिद्वार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है; एसएसपी हरिद्वार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनपद में गोकशी व गो-तस्करी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, साथ ही हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि क्षेत्र में कहीं भी गोकशी या तस्करी से जुड़ी गतिविधि दिखने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

भगवानपुर। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनैतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम द्वारा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण व शहरी इलाकों में की गई व्यापक ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इस बार स्थानीय मतदाताओं का झुकाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अधिक देखा जा रहा है।

हाल ही में भाजपा द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के बाद से क्षेत्र के दलित, पिछड़े और सर्वसमाज में भाजपा के प्रति आकर्षण और गहरा हुआ है। जनभावनाओं के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और विकास नीतियों को जनता काफी पसंद कर रही है। क्षेत्र के बड़े वर्ग का मानना है कि वर्ष 2027 में भी प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री धामी के हाथों में ही रहनी चाहिए, जिससे विकास की रफ्तार बनी रहे।

जनभावनाओं और वर्तमान माहौल के राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, इस समय क्षेत्र में भाजपा मुख्य दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दूसरे स्थान पर और नए सियासी समीकरणों के साथ आजाद समाज पार्टी (आसपा) तीसरे कोण के रूप में उभरती दिख रही है।

भाजपा खेमे में भी टिकट की दावेदारी को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। ‘ग्रामीण तहकीकात’ के सर्वे और जनचर्चा के अनुसार, दावेदारों की दौड़ में वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल सबसे आगे और जनता की पहली पसंद के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। क्षेत्रवासियों के बीच सुशील पेगोवाल के सहज स्वभाव, निरंतर जनसेवा और हर सुख-दुख में मौजूदगी की विशेष सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्टी आलाकमान को इस बार एक समर्पित और स्थानीय कार्यकर्ता को अवसर देना चाहिए। वहीं, भाजपा में दावेदारों की इस कतार में दूसरे स्थान पर सत्यपाल मास्टर तथा तीसरे स्थान पर जॉनी प्रधान (केसरिया) भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं।

दूसरी ओर, इस क्षेत्र में लंबे समय से कांग्रेस की ओर से वर्तमान विधायक ममता राकेश एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कभी विधायक ममता राकेश के सहयोगी रहे अमित कुमार द्वारा आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लेने से पारंपरिक वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है।

क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, अमित कुमार की मौजूदगी मुख्य रूप से पारंपरिक कांग्रेस वोट बैंक में सेंध लगाती दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमे का गणित प्रभावित हो सकता है। इसके विपरीत, भाजपा के प्रति सर्वसमाज का समर्थन देखने को मिल रहा है। भगवानपुर क्षेत्र को पारंपरिक रूप से एक दल विशेष का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन लंबे समय बाद इस बार स्थानीय जनमानस बदलाव की ओर रुख करता दिख रहा है, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा के लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल नजर आ रही हैं।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

मंगलौर। कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुगम और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलोर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। कांवड़ मेले के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मंगलौर अभिनय चौधरी ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कड़ा संदेश दिया कि, “कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था, अनुशासन और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्ग, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग, उपद्रव या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या माहौल खराब करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में उपद्रवियों पर रहम नहीं बरता जाएगा।“

पुलिस द्वारा जारी मुख्य दिशानिर्देश:

1. डीजे की आवाज नियमानुसार रखें: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे वाहनों में ध्वनि प्रदूषण के तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

2. कांवड़ की ऊंचाई का ध्यान रखें: हादसों से बचाव हेतु कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुसार ही होनी चाहिए।

3. यातायात नियमों का पालन करें: कांवड़ यात्रियों और आमजन से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि जाम की स्थिति न बने।

सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कहा कि हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का स्वागत है और उनकी सुविधा व सुरक्षा के लिए पुलिस बल 24 घंटे मुस्तैद रहेगा, लेकिन शांति व कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। प्रधान संगठन विकास खंड रुड़की के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सुल्तानपुर साबतवाली के प्रधान श्रवण कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ रुड़की के माध्यम से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार को एक ज्ञापन सौंपकर रुड़की के प्रधान मुख्य डाकघर परिसर स्थित आधार सेंटर पर कर्मचारियों की तानाशाही, मनमानी और बदसलूकी पर कड़ा आक्रोश जताया है। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि 25 जुलाई को जब वे अपनी भांजी का आधार कार्ड बनवाने डाकघर पहुंचे, तो कड़ी धूप में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों लाइन में खड़ा रखा गया, जबकि अंदर कर्मचारियों द्वारा अपने चहेतों का काम बिना लाइन के सीधे किया जा रहा था।

 

मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रधान संगठन ब्लॉक रुड़की अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा, “भारत सरकार और राज्य सरकार आम जनता को हर संभव सुविधा देने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ कर्मचारी अपनी तानाशाही और अभद्र व्यवहार से सरकार की नीतियों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। आधार सेंटर पर घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद लोगों को यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि आधार सेंटर पर तैनात कर्मचारियों और गार्ड का आम जनता के प्रति यह मनमाना और तानाशाही रवैया तुरंत नहीं बदला, तो प्रधान संगठन हरिद्वार चुप नहीं बैठेगा और इस जनसमस्या को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।”

प्रधान संगठन ने मांग की है कि कड़ी धूप से बचाव के लिए लाइन के ऊपर शेड व पंखों की व्यवस्था की जाए, स्टाफ व सिफारिशी लोगों के लिए अलग काउंटर बनाया जाए तथा आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी पहले ही बोर्ड पर स्पष्ट की जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।